नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक अनोखी और प्रेरणादायक शादी चर्चा में है। यहां एक दूल्हा अपनी बारात बैलगाड़ियों में लेकर पहुंचा। आधुनिक तामझाम और फिजूलखर्ची से दूर इस शादी ने सादगी, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दूल्हे ने बताया कि उसे यह प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीजल के संयमित इस्तेमाल वाले संदेश से मिली।
एसपी का गनमैन है दूल्हा
मिली जानकारी के मुताबिक दूल्हे का नाम कुबेर देहारी है, जो पुलिस अधीक्षक राबिंसन गुड़िया के गनमैन हैं। उन्होंने बताया कि जिले में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और ईंधन की कमी को देखते हुए उन्होंने पारंपरिक तरीके से बारात निकालने का फैसला किया। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के सही उपयोग और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों ने उन्हें प्रभावित किया।
बैलगाड़ियों में निकली बारात
बारात पूरी तरह बैलगाड़ियों में निकाली गई। बाराती पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नाचते-गाते हुए लड़की पक्ष के घर पहुंचे। शादी में न डीजे था, न लग्जरी गाड़ियों का काफिला और न ही दिखावे पर अनावश्यक खर्च। सादगी भरे इस आयोजन ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ऐसी शादी समाज के लिए प्रेरणा
गांव के बुजुर्गों ने इस पहल को पुरानी परंपराओं को जीवित रखने वाला कदम बताया। लोगों का कहना है कि आज के दौर में ऐसी शादी समाज के लिए प्रेरणा है, जहां दिखावे की बजाय संस्कार, परंपरा और सामाजिक संदेश को महत्व दिया गया।
अनोखी बारात बनी इलाके में चर्चा का विषय
कुबेर देहारी ने कहा कि आजकल लोग शादी समारोहों में केवल दिखावे के लिए लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। बारात में गाड़ियों के लंबे काफिले और डीजल-पेट्रोल पर भारी खर्च किया जाता है, जबकि जरूरत के अनुसार संसाधनों का उपयोग करना बेहद जरूरी है। डुमरतराई वार्ड में निकली यह अनोखी बारात अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।



































