KOLKATA NEWS. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा और सबसे अहम चरण बुधवार (29 अप्रैल) को होने जा रहा है। इस चरण में राज्य की 142 सीटों पर मतदान होगा, जहां 1473 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है और खासतौर पर भवानीपुर सीट पूरे देश का ध्यान खींच रही है।
इस हाई-प्रोफाइल सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का हो गया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, CRPF का फ्लैग मार्च
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भवानीपुर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। मंगलवार को Central Reserve Police Force (CRPF) ने फ्लैग मार्च कर स्थिति का जायजा लिया और मतदाताओं में विश्वास जगाने की कोशिश की।

गर्मी बनी बड़ी चुनौती
चुनावी तैयारियों के बीच कोलकाता में भीषण गर्मी और उमस ने चुनावकर्मियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पोलिंग पार्टियां बूथों के लिए रवाना हो चुकी हैं, लेकिन गर्मी के कारण एक महिला कर्मचारी के बेहोश होने की खबर सामने आई है। प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर पानी, छाया और ORS की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

दिग्गजों की साख दांव पर
इस चरण में कई मंत्रियों और बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, दूसरे चरण के नतीजे चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

पहले चरण में बना था रिकॉर्ड
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। 92.72% मतदान के साथ बंगाल ने लोकतांत्रिक उत्साह की नई मिसाल कायम की, जो देश के चुनावी इतिहास में एक उल्लेखनीय आंकड़ा माना जा रहा है।

अब सबकी निगाहें दूसरे चरण पर टिकी हैं, जहां जनता का फैसला तय करेगा कि सत्ता की कुर्सी किस ओर झुकेगी।



































