MUNGELI NEWS. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक रिटायर्ड लेखापाल की गुमशुदगी का मामला अब बड़े हत्याकांड में बदल गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पारिवारिक विवाद और करोड़ों की संपत्ति के लालच में सगे भाई ने ही सुपारी देकर हत्या करवा दी। 21 मार्च 2026 को दामोदर राजपूत (62) घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनकी मोटरसाइकिल मनोहरपुर के पास सुनसान रास्ते पर मिली। इस पर थाना लालपुर में गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और CCTV फुटेज खंगालते हुए एक संदिग्ध स्लेटी रंग की Hyundai Eon कार को ट्रैक किया, जो मृतक का पीछा करते हुए नजर आई।

जांच के दौरान कार किराए पर लेने वाले संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती से पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। संजय यादव ने बताया कि मृतक के छोटे भाई रणजीत राजपूत, उसके साले पालेश्वर और चचेरे भाई रामपाल ने मिलकर 10 लाख रुपये और जमीन के बदले हत्या की सुपारी दी थी। 21 मार्च को आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर दामोदर को झाफल आने का न्योता दिलवाया। रास्ते में सुनसान जगह पर उनकी गाड़ी रोकी गई और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई।

इसके बाद शव को कार में डालकर कई जिलों से होते हुए कवर्धा के जंगल में ले जाकर नदी किनारे गड्ढे में दफना दिया गया। हत्या को छिपाने के लिए आरोपियों ने मृतक का मोबाइल प्रयागराज लेकर जाकर गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि यह भ्रम फैले कि दामोदर साधु बनकर कहीं चले गए हैं। मामले में एक और अहम मोड़ तब आया जब मृतक की पत्नी तुलसी बाई ने पुलिस को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि करीब 4 करोड़ की जमीन और सोने के लालच में रिश्तेदार साजिश कर सकते हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि परिवार में पहले से विवाद चल रहा था और संपत्ति को लेकर तनाव गहरा था। आरोपियों ने एक नोटरी दस्तावेज पेश किया था, जिसमें दामोदर द्वारा अपनी संपत्ति बेटे को न देने की बात लिखी गई थी। पुलिस को यह दस्तावेज संदिग्ध लगा, जिससे साजिश का शक और गहरा हुआ। पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें परिवार के सदस्य और सुपारी किलर शामिल हैं।

इसके अलावा 4 नाबालिगों को भी बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। आरोपियों के कब्जे से कार, बाइक और सुपारी की रकम भी बरामद की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर सेल, थाना लालपुर, लोरमी और जरहागांव की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्य और जमीनी जांच के आधार पर इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस द्वारा इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- रणजीत सिंह राजपूत (उम्र 55 वर्ष) – निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक का भाई)
- पालेश्वर राजपूत (उम्र 50 वर्ष) – निवासी झाफल, थाना लोरमी
- रामपाल सिंह राजपूत (उम्र 53 वर्ष) – निवासी लोरमी
- पराग सिंह राजपूत (उम्र 49 वर्ष) – निवासी झाफल
- हेमंत राजपूत (उम्र 26 वर्ष) – निवासी झाफल
- अजय राजपूत (उम्र 26 वर्ष) – निवासी सारधा
- संजय यादव (उम्र 37 वर्ष) – निवासी झाफल
- श्रवण उर्फ प्रिंस गोई (उम्र 18 वर्ष) – निवासी मुंगेली
- योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर (उम्र 18 वर्ष 10 माह) – निवासी मुंगेली
- देवराज साहू उर्फ दद्दू उर्फ देवकुमार (उम्र 23 वर्ष) – निवासी झझपुरीकला
- आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेंद्र उर्फ बाबू (उम्र 20 वर्ष) – निवासी लोरमी
- अन्य: 4 नाबालिग भी इस वारदात में शामिल पाए गए हैं।



































