PAKISTAN NEWS. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध अब अपने 29वें दिन में प्रवेश कर चुका है। मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव को कम करने और शांति बहाली की कोशिशों के तहत एक बड़ी कूटनीतिक हलचल शुरू हुई है। तुर्किये, मिस्र (Egypt) और सऊदी अरब के विदेश मंत्री 30 मार्च को पाकिस्तान की राजधानी इस्लाबाद पहुंच रहे हैं।

प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ अहम बैठक
विदेशी डेलिगेशन अपने इस दौरे के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात करेगा। माना जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान युद्ध के कारण बिगड़ते क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करना और युद्धविराम की संभावनाओं को तलाशना है। युद्ध शुरू होने के बाद यह अपनी तरह की पहली बड़ी और महत्वपूर्ण बैठक मानी जा रही है, जिसमें कई प्रभावशाली देशों के प्रतिनिधि एक साथ शामिल होंगे।

UAE भी युद्ध में हो सकता है शामिल
इस बीच युद्ध का दायरा बढ़ने की खबरें भी सामने आ रही हैं। कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सीधे तौर पर जंग में शामिल हो सकता है।

2200 मिसाइल और ड्रोन हमले
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों के दौरान ईरान ने UAE पर आक्रामक रुख अपनाया है। बताया जा रहा है कि ईरान की ओर से UAE पर अब तक 2200 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं। हालांकि, UAE की डिफेंस प्रणाली ने जबरदस्त मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से करीब 95% हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया है।

इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह मध्य-पूर्व के भविष्य और जारी संघर्ष की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।





































