RAIPUR NEWS. निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से समझौते के खिलाफ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने सख्त कार्रवाई की है। जिला कोरबा में निर्मित कन्वेंशनल हॉल के डिटेल डिजाइन में त्रुटियां और तकनीकी प्रस्ताव में कमियां पाए जाने के बाद मंडल ने वास्तुविद फर्म जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंडल ने फर्म को पहले कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा था। फर्म की ओर से प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन और स्पष्टीकरण का अपर आयुक्त स्तर पर परीक्षण किया गया।

जांच के बाद स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मंडल ने उन योजनाओं में फर्म के वास्तुविद संबंधी अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जहां वह वर्तमान में काम कर रही है। मंडल के निर्देश के अनुसार जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो से संबंधित निम्न योजनाओं में अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी—
रिडेवलपमेंट योजना, कैलाश नगर, राजनांदगांव
रिडेवलपमेंट योजना, रामानुजगंज, जिला बलरामपुर
आवासीय योजना, कबीर नगर फेस-02 (5 एकड़ भूमि)
अटल विहार योजना, बंधी, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

संबंधित योजनाओं के कार्यपालन अभियंताओं को फर्म को लिखित सूचना देकर नियमानुसार अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुबंध समाप्त होने के बाद इन योजनाओं में फर्म किसी तरह का आगामी कार्य नहीं कर सकेगी। साथ ही, नियमानुसार किसी भी प्रकार के दावे के भुगतान की कार्रवाई नहीं की जाएगी। गृह निर्माण मंडल ने हाल ही में वास्तुविदों की बैठक भी आयोजित की थी। इसमें निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता और सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। मंडल ने स्पष्ट किया था कि डिजाइन में त्रुटि मिलने पर संबंधित वास्तुविद फर्म की जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।

मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल की योजनाएं सीधे आम नागरिकों के हित से जुड़ी हैं। इसलिए गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निर्माण की शुरुआत से लेकर उसके पूरा होने तक डिजाइन, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जिम्मेदारी में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने भी कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी शुद्धता और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार वास्तुविदों के डिजाइन और तकनीकी प्रस्ताव निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। डिजाइन में त्रुटि या तकनीकी लापरवाही के कारण निर्माण प्रभावित होने पर संबंधित फर्म की जवाबदेही तय कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंडल ने दोहराया है कि शासकीय योजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। तकनीकी मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी या फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।




































