RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में करीब 36 घंटे तक हुई लगातार बारिश के बाद शनिवार को कई इलाकों में बारिश थम गई, लेकिन जलभराव और नदी-नालों के उफान से परेशानी बनी हुई है। रायपुर, धमतरी, जगदलपुर, गरियाबंद, कांकेर, बालोद और बिलासपुर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। रायपुर के महादेवघाट पुल के ऊपर करीब 2 फीट पानी बहने की स्थिति सामने आई है। वहीं अभनपुर तहसील के ग्राम टीला में बाढ़ के बीच फंसे 24 लोगों को राहत-बचाव टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। रायपुर के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेस-2 के EWS B ब्लॉक में पूरा इलाका जलमग्न है। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद की गई है।

स्थानीय स्तर पर बिजली पैनल में करंट आने की शिकायत भी सामने आई है। भाटागांव में जलभराव के कारण एक कार और ट्रक फंस गए। प्रोफेसर कॉलोनी और काठाडीह BSUP कॉलोनी के कई घरों में पानी घुस गया है। धमतरी में पानी से भरे पुल को पार करने के दौरान तेज बहाव में एक कार बह गई। कार में सवार दो लोगों ने समय रहते कांच तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। जिले में गंगरेल डैम के 14 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है।

रायपुर जिले की अभनपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित ग्राम टीला में पानी बढ़ने के बाद 24 लोग फंस गए थे। सूचना मिलने पर राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्रशासन की टीम क्षेत्र में राहत कार्य और हालात की निगरानी में जुटी है। रायपुर में महादेवघाट पुल पर पानी का स्तर बढ़कर पुल के ऊपर से बहने लगा। स्थानीय स्तर पर इसे करीब 12 साल बाद ऐसी स्थिति बनने के रूप में बताया जा रहा है। नदी के बढ़े जलस्तर और आसपास के जलभराव को देखते हुए आवाजाही में सावधानी बरती जा रही है।

चित्रकोट वाटरफॉल में बढ़ा जलप्रवाह
लगातार बारिश का असर बस्तर में भी दिखाई दे रहा है। चित्रकोट वाटरफॉल पूरे शबाब पर है। वहीं बस्तर के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। निचले इलाकों में घरों में भी पानी भरने की सूचना है। भारी बारिश के कारण दुर्ग-दल्लीराजहरा रेल सेक्शन में लाटाबोर-गुंडरदेही के बीच ट्रैक पर जलभराव और धंसने की स्थिति बनी है। यात्री सुरक्षा को देखते हुए 26 सितंबर को 5 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इंजीनियरिंग टीम ट्रैक को दुरुस्त करने में जुटी है।

अगले 24 घंटे भी मौसम से राहत नहीं
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 26 सितंबर के अपडेट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में आज बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। 27 सितंबर को भी गरज-चमक की चेतावनी है। मौसम में बदलाव की वजह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिणी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन रहा। IMD के मुताबिक यह सिस्टम 25 सितंबर की शाम उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर था और 26 सितंबर को उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई थी।





































