RAIPUR NEWS. रक्षाबंधन से पहले राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की सितंबर माह की किस्त 25 अगस्त को ही जारी कर दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपए ट्रांसफर किए। इनमें बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राही शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन को देखते हुए सितंबर की किस्त पहले देने का निर्णय लिया गया। पिछले ढाई वर्षों में योजना के तहत महिलाओं के खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री ने पांच हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि योजना की राशि का उपयोग रोजमर्रा की जरूरतों के साथ स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ड्रोन दीदी के जरिए महिलाएं खेतों में खाद और अन्य कृषि आदानों के छिड़काव की सेवाएं देकर आय अर्जित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बालोद जिले में करीब 102 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। डौंडीलोहारा में ऑडिटोरियम, खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार-पुनर्निर्माण और धनगांव जलाशय के वियर व नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग की घोषणा की। मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर 5 करोड़ की पुलिया और संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग पर करीब 19 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा हुई। समारोह में 3.2 करोड़ के 12 किमी उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ के अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग और 2.5 करोड़ के बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में कांकेर सांसद भोजराज नाग, पूर्व सांसद सरोज पांडे, जनप्रतिनिधि और हितग्राही महिलाएं मौजूद रहीं।

नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई रोशनी में बस्तर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दशकों तक बस्तर नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से आज बस्तर शांति और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन दुर्गम क्षेत्रों में कभी विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां आज सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

विकसित भारत के साथ बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए नए अवसर, जनजातीय अंचलों का विकास और गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली – इन्हीं मजबूत आधारों पर विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।





































