SAKTI NEWS. सक्ती में बंधन बैंक से जुड़े धोखाधड़ी के एक चौंकाने वाले मामले ने बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि लोन खाते में जमा की जाने वाली 1 लाख 42 हजार 550 रुपये की रकम बैंक खाते में जमा करने के बजाय गबन कर दी गई। इतना ही नहीं, खाताधारक को मृत बताने वाले दस्तावेजों का कथित तौर पर इस्तेमाल कर बीमा कंपनी से रकम हासिल करने और लोन खाता बंद कराने की कोशिश भी की गई।

मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने इस मामले में बंधन बैंक के पूर्व कर्मचारी कमलेश सिंह, निवासी जावलपुर, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, पुरुषोत्तम देवांगन और उर्मिला देवांगन के नाम से बैंक में संयुक्त खाता था। दोनों लोन की रकम जमा करने बैंक पहुंचे थे। आरोप है कि उस समय बैंक कर्मचारी रहे कमलेश सिंह ने 1,42,550 रुपये जमा करने की रसीद भी दी, लेकिन रकम खाते में जमा नहीं हुई।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर रकम बैंक खाते में जमा नहीं हुई, तो खाताधारक को जमा राशि की रसीद कैसे दी गई? पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर रकम आपस में बांट ली और उसका इस्तेमाल कर लिया।

मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। उर्मिला देवांगन को मृत दर्शाने वाले दस्तावेजों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के जरिए बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा राशि हासिल कर लोन खाता बंद कराने का प्रयास किए जाने का आरोप है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी फरार था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया और न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया। अब पुलिस इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।





































