NEW DELHI NEWS. संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राजनीतिक टकराव सड़क से लेकर सदन तक दिखाई दिया। संसद परिसर में NDA और कांग्रेस सांसद अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। NDA सांसदों ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और चर्चा से बचने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसदों ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद मुकेश दलाल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बीच भी तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली। प्रियंका संसद परिसर पहुंचकर अपनी गाड़ी से उतरी थीं, तभी भाजपा सांसद राहुल गांधी को लेकर सवाल उठाने लगे। दलाल ने पूछा कि राहुल गांधी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने क्यों नहीं गए। इस पर प्रियंका गांधी उनके पास पहुंचीं और कहा कि राहुल झारखंड गए थे और छात्रों से मुलाकात भी कर चुके हैं।

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन और उस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही टकराव बना हुआ है। सरकार की ओर से कहा गया था कि गृह मंत्री अमित शाह 20 जुलाई को सदन में इस मुद्दे पर जवाब देंगे। वहीं, राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि विपक्ष गृह मंत्री की राय सुनने के बजाय यह जानना चाहता है कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी का आदेश किसने दिया था।

मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सदन में व्यवधान न हो। स्पीकर ने कहा कि सदन की कार्यवाही बाधित होने के कारण प्रश्नकाल भी नहीं हो पा रहा है। प्रश्नकाल के दौरान सांसद सरकार से विभिन्न मुद्दों पर सीधे जवाब मांगते हैं। हालांकि, अपील के बावजूद हंगामा जारी रहा और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

कंगना रनौत का राहुल गांधी पर हमला
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चर्चा से इनकार कर रहे हैं और संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित कर रहे हैं। कंगना ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले जिस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी, उस पर चर्चा के लिए बुलाए जाने के बाद उन्होंने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे देश के साथ धोखा बताया और कहा कि विपक्ष संसद को काम नहीं करने दे रहा है।






































