RAJNANDGAON NEWS. हत्या के एक मामले की जांच के दौरान घुमका पुलिस पर दो युवकों को करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखकर मारपीट करने और जुर्म कबूल कराने के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ितों के परिजनों ने एसपी से शिकायत कर 10 से 12 पुलिसकर्मियों पर लाठियों से पिटाई करने का आरोप लगाया है। दोनों युवकों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने कस्टडी में कथित मारपीट के आरोपों की अलग से जांच शुरू कर दी है।

18 अगस्त सुबह से 20 अगस्त शाम तक हिरासत में रखने का आरोप
ग्राम बरबसपुर निवासी नेतराम साहू ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि पुलिस ने उन्हें उनके बेटों पवन साहू और प्रदीप साहू के साथ 18 अगस्त की सुबह पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। आरोप है कि इसके बाद दोनों युवकों को करीब 36 घंटे तक थाने में रखा गया। परिजनों का दावा है कि इस दौरान करीब 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ लाठियों से मारपीट की और हत्या का अपराध कबूल करने के लिए दबाव बनाया।

कूल्हे पर चोट, शरीर पर पड़े लाल निशान
परिजनों के मुताबिक मारपीट के कारण दोनों युवकों के कूल्हे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं तथा लाल निशान पड़ गए। आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद 20 अगस्त की शाम पुलिस दोनों को गांव के बाहर छोड़कर चली गई। इसके बाद परिजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।

एक साल पुराने हत्या मामले में पूछताछ
दरअसल, 11 नवंबर 2025 को बरबसपुर में 70 वर्षीय बिहासीन साहू की अधजली लाश उनके पेरावट में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव जलाए जाने की पुष्टि हुई थी। इसी मामले की जांच के सिलसिले में मृतका के बेटे नेतराम और पोतों पवन व प्रदीप से पुलिस पूछताछ कर रही थी।
परिजनों का दावा है कि घटना के समय वे दूसरे गांव गए हुए थे। उनका आरोप है कि पुलिस वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने के बजाय उन्हें संदेह के आधार पर परेशान कर रही है।

पुलिस बोली- तीनों मुख्य संदेही, आरोपों की होगी निष्पक्ष जांच
मामले में एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि नेतराम, पवन और प्रदीप मृतका के रिश्तेदार हैं और हत्या के मामले में मुख्य संदेही हैं। उनसे पूछताछ की जा रही थी। वहीं, हिरासत के दौरान मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए इसकी अलग से निष्पक्ष जांच की जा रही है। हत्या के मूल मामले में भी पुलिस की जांच जारी है।
अब जांच का अहम सवाल यही है कि हत्या की गुत्थी सुलझाने के नाम पर हिरासत में क्या हुआ और लगाए गए मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है।






































