KATHMANDU NEWS. तिब्बत की ओर से अचानक भोटेकोशी नदी में आए भीषण जलसैलाब ने नेपाल के सीमावर्ती रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ से अब तक कम से कम 31 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल पर्यटन विभाग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक 384 लोग लापता हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय (NRI) बताए गए हैं। इनमें से अधिकांश लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर गए थे।

टिमुरे-स्याब्रूबेसी में मची तबाही
भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के टिमुरे और स्याब्रूबेसी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। तेज बहाव की चपेट में कई मकान, बाजार, वाहन और पक्के पुल बह गए। बाढ़ के पानी ने इलाके के संपर्क मार्गों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बाढ़ में बहा
जलसैलाब की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना भी बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह बह गई। अचानक आई बाढ़ से स्थानीय स्तर पर जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में आवाजाही मुश्किल हो गई है।
14 हेलीकॉप्टरों से सर्च ऑपरेशन
लापता लोगों की तलाश और प्रभावितों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना को मैदान में उतारा गया है। सेना के 14 हेलीकॉप्टरों, ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता पर्यटकों और स्थानीय लोगों का पता लगाना तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाना है।

भारतीय पर्यटकों की तलाश तेज
बाढ़ में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना के बाद उनकी पहचान और स्थिति की पुष्टि का काम तेज कर दिया गया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ट्रैवल एजेंसियों के साथ मिलकर लापता यात्रियों से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है। कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए यात्रियों के परिजनों में भी चिंता बढ़ गई है।

निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्राधिकरण ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से नदी के तटों से दूर रहने और राहत-बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
भोटेकोशी के अचानक उफान से मची इस तबाही ने नेपाल में आपदा प्रबंधन की चुनौती बढ़ा दी है। वहीं, 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है।





































