BILASPUR NEWS. बिलासपुर जिले के बेलगहना चौकी क्षेत्र के ग्राम कसईबहरा में छठी कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। शराब पीकर कार्यक्रम में आने को लेकर हुए विवाद में तीन युवकों ने एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि मारपीट के बाद उसे करीब 60-65 मीटर तक सीसी रोड पर घसीटकर घर के पास छोड़ दिया गया। गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई की रात डायल-112 के माध्यम से ग्राम कसईबहरा में अमर सिंह पेन्द्रो की हत्या की सूचना मिली। बेलगहना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, जहां अमर सिंह अपने घर में मृत अवस्था में मिला। सूचना पर मर्ग कायम कर एफएसएल टीम की मौजूदगी में जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि 7 जुलाई की शाम अमर सिंह अपने पड़ोसी मोतीलाल पोर्ते के घर आयोजित छठी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। इसी दौरान रोहित पोर्ते, दीपक पोर्ते और प्रदीप वाकरे ने उसे शराब पीकर कार्यक्रम में माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए घर जाने के लिए कहा। अमर सिंह के नहीं जाने पर तीनों ने उसके साथ लात-घूंसों और मुक्कों से जमकर मारपीट की।

बताया गया कि बीच-बचाव करने पहुंची अमर सिंह की पत्नी चंद्रकली की बात भी आरोपियों ने नहीं मानी। इसके बाद देर रात तीनों आरोपी अमर सिंह को कार्यक्रम स्थल से घसीटते हुए करीब 60-65 मीटर दूर उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए।गंभीर चोटों से घायल अमर सिंह ने सुबह अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, लेकिन रात में जब परिवार ने उसे खाना खाने के लिए उठाया तो वह अचेत मिला। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तीनों आरोपियों रोहित पोर्ते (30), दीपक पोर्ते (23) और प्रदीप वाकरे (21), सभी निवासी कसईबहरा, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) माधुलिका सिंह एवं एसडीओपी नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। मामले की विवेचना में बेलगहना पुलिस और एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






































