NEW DELHI/RAIPUR NEWS. बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी मामले में आरोपियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई है। शीर्ष अदालत ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित की गई है। यह याचिका बलौदाबाजार हिंसा मामले के आरोपी अजय यादव की ओर से दायर की गई है।

इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश कुमार वर्मा की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने 19 मई 2026 को सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि अमित बघेल और अजय यादव छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी हैं। उन पर हजारों लोगों की भीड़ को उकसाने, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने तथा पुलिस बल पर जानलेवा हमले के आरोप हैं। अदालत ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था। 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय सहित कई सरकारी परिसरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी।

इस घटना में सार्वजनिक संपत्ति को लगभग 13 से 15 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचने का अनुमान है। अदालत में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार अमित बघेल के खिलाफ 17, अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है। पूरा विवाद 15-16 मई 2024 की रात गिरौधपुरी धाम स्थित सतनामी समाज के पूज्य जैतखाम में हुई तोड़फोड़ की घटना से शुरू हुआ था।

पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन समाज के एक वर्ग ने कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना और न्यायिक जांच की मांग शुरू कर दी। बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार ने न्यायिक जांच की घोषणा की। इसके बाद 10 जून को हजारों लोग बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट परिसर के पास प्रदर्शन के लिए जुटे। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए और भीड़ हिंसक हो गई। उपद्रवियों ने कलेक्टर एवं एसपी कार्यालय में आग लगा दी, जिसके बाद पूरे जिले में तनाव की स्थिति बन गई। घटना के बाद प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई करते हुए 43 मामलों में कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया था।






































