DANTEWADA NEWS. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में दो साल पुराने गुमशुदगी मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि रिश्तों के विवाद और अवैध संबंधों के चलते एक महिला की हत्या कर उसका शव गांव में दफना दिया गया था। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में गुमशुदा महिला रामदई कश्यप की लगातार तलाश की जा रही थी।

जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें डीआरजी जवान पाण्डू करटम के साथ महिला के लगातार संपर्क में रहने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम गांव तोयलंका पहुंची और ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि रामदई कश्यप और पाण्डू करटम के बीच करीबी संबंध थे। इसकी जानकारी पाण्डू की पत्नी कमली करटम को भी थी। इसी बात को लेकर कमली करटम नाराज थी और उसने अपने रिश्तेदार हुंगाराम उर्फ बुटू करटम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रात के समय रामदई कश्यप की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पिकअप वाहन में रखकर गांव तोयलंका के पास एक नाले के किनारे दफना दिया गया। पुलिस ने कमली करटम की निशानदेही पर दंडाधिकारी, फोरेंसिक टीम और पुलिस की मौजूदगी में खुदाई करवाई, जहां प्लास्टिक बोरी में मानव कंकाल बरामद हुआ।

बताया जा रहा है कि हत्या को अंजाम देने के बदले मुख्य आरोपी को एक लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। मामले में पुलिस ने एक खास रणनीति भी अपनाई। गांव में यह अफवाह फैलाई गई कि पुलिस जल्द ही “कंकाल खोजने वाली मशीन” लेकर आने वाली है। इसके बाद आरोपी घबराकर टूट गए और एक-एक कर अपना जुर्म कबूल कर लिया।

दो पत्नियां, फिर भी प्रेम संबंध… बना खूनी विवाद की वजह
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि डीआरजी जवान की दो पत्नियां हैं। इसके बावजूद दूसरी महिला के साथ संबंधों को लेकर विवाद बढ़ता गया और आखिरकार यह मामला हत्या तक पहुंच गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने लक्ष्मी नाग और कमली करटम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले की आगे जांच जारी है।




































