KOLKATA NEWS. पश्चिम बंगाल की चर्चित फालता विधानसभा सीट पर रीपोलिंग के बाद हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी बढ़त बनाकर सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। 21वें राउंड की काउंटिंग पूरी होने तक भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर एक लाख से अधिक वोटों की विशाल बढ़त हासिल कर ली है, जिससे उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

फालता सीट पर कुल 22 राउंड में मतगणना होनी है। दोपहर करीब 4:30 बजे तक 21 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी थी। शुरुआती रुझानों से लेकर अब तक भाजपा प्रत्याशी लगातार बढ़त बनाए हुए हैं और उन्हें 1.48 लाख से अधिक वोट मिल चुके हैं। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी करीब 40 हजार वोटों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।

चुनाव छोड़ने का ऐलान करने वाले टीएमसी प्रत्याशी पिछड़े
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उम्मीदवार जहांगीर खान का प्रदर्शन रहा। चुनाव से पीछे हटने की घोषणा करने वाले जहांगीर खान फिलहाल चौथे स्थान पर चल रहे हैं और उन्हें अब तक केवल 7 हजार से कुछ अधिक वोट मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक, जहांगीर खान ने रीपोलिंग से पहले चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन चुनाव आयोग को औपचारिक लिखित सूचना नहीं देने के कारण उनका नाम और चुनाव चिह्न ईवीएम में बना रहा, जिससे मतदाता उन्हें वोट डाल सके।

रीपोलिंग में बढ़ा मतदान प्रतिशत
फालता सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया था। इस दौरान मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रीपोलिंग में कुल 88.13 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 29 अप्रैल को हुए पहले मतदान में यह आंकड़ा 86.71 प्रतिशत था।

ईवीएम विवाद के बाद हुई थी दोबारा वोटिंग
फालता में 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान भारी विवाद सामने आया था। भाजपा ने आरोप लगाया था कि कई बूथों पर ईवीएम में कमल के चुनाव चिह्न वाले बटन पर टेप चिपकाकर मतदान प्रभावित करने की कोशिश की गई।
शिकायतों के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच में कई बूथों पर कथित अनियमितताओं और तकनीकी छेड़छाड़ के संकेत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने मतदान रद्द करते हुए सभी 285 बूथों पर दोबारा वोटिंग कराने का निर्णय लिया।





































