VRINDAVAN NEWS. वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित भक्तों के लिए रविवार को भावुक संदेश सामने आया। स्वास्थ्य कारणों से पिछले नौ दिनों से उनकी चर्चित रात्रि पदयात्रा और भक्तों से एकांतिक मुलाकात स्थगित है। इसी बीच केली कुंज आश्रम ट्रस्ट द्वारा जारी वीडियो संदेश में महाराज ने भक्तों से चिंता न करने और श्री राधा नाम के भजन में लीन रहने की अपील की।

करीब एक मिनट से अधिक के इस वीडियो संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भावुक स्वर में कहा कि भक्त चिंता न करें। उन्होंने कहा कि वे मिलें या न मिलें, बोलें या न बोलें, उनका स्नेह सदैव अपने अनुयायियों के साथ रहेगा। उन्होंने भक्तों से सेवा, भजन और नाम जप में निरंतर लगे रहने का संदेश देते हुए कहा कि गुरु का आशीर्वाद और मार्गदर्शन सदैव उनके साथ है।

एकांतवास हमारे लिए नहीं, आपके कल्याण के लिए
अपने संदेश में महाराज ने स्पष्ट कहा कि उनका एकांतवास व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि भक्तों के आध्यात्मिक कल्याण से जुड़ा है। उन्होंने अनुयायियों से निर्भय, निश्चिंत और प्रसन्न रहकर भजन करने का आग्रह किया तथा कहा कि जो भी हो रहा है, वह भक्तों के हित में है।

गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे हैं महाराज
आश्रम सूत्रों के अनुसार, प्रेमानंद महाराज लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से गुजर रहे हैं। बताया जाता है कि उन्हें नियमित डायलिसिस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय सलाह पर उनकी रात्रि पदयात्रा को फिलहाल स्थगित रखा गया है। सामान्य दिनों में उनकी पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं।

13 वर्ष की उम्र में छोड़ा घर, आध्यात्मिक पथ चुना
बताया जाता है कि महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर क्षेत्र के एक धार्मिक परिवार में हुआ था और बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। कम उम्र से ही आध्यात्मिक झुकाव के कारण उन्होंने किशोरावस्था में घर छोड़कर साधना का मार्ग अपनाया। बाद में वे काशी और फिर वृंदावन पहुंचे, जहां भक्ति और संकीर्तन की परंपरा में स्वयं को समर्पित कर दिया।
भक्तों के बीच जारी इस संदेश ने भावनात्मक माहौल बना दिया है, वहीं लाखों अनुयायी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।




































