BILASPUR NEWS. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतों को लेकर सोमवार को सियासी पारा चढ़ गया। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिफरा स्थित बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और राज्य सरकार व विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बेलतरा सहित पूरे बिलासपुर जिले में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी में बिना पूर्व सूचना घंटों बिजली बंद रहने से आमजन को पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि कहीं मेंटेनेंस तो कहीं अन्य कारणों के नाम पर लंबे समय तक बिजली बंद रखी जा रही है।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में ठेकेदारी व्यवस्था हावी हो चुकी है और अफसर हालात सुधारने में नाकाम साबित हो रहे हैं। साथ ही बेलतरा विधायक द्वारा हालात सामान्य होने के दावे को भी उन्होंने “जमीनी हकीकत से दूर” बताया।

लो-वोल्टेज से उपकरण खराब होने का आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार लो-वोल्टेज की समस्या से घरों के इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू उपकरण खराब हो रहे हैं। लोगों की रातें अंधेरे में गुजर रही हैं और परेशानी लगातार बढ़ रही है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि सुधार नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

विभाग का पलटवार—‘कटौती नहीं, सुधार कार्य जारी’
वहीं, बिजली विभाग ने अघोषित कटौती के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अधोसंरचना सुधार और केबल बदलने के दौरान कुछ समय के लिए सप्लाई बाधित करनी पड़ती है। अधिकारियों के मुताबिक कई स्थानों पर तकनीकी दिक्कतों और नए तार जलने जैसी समस्याओं के कारण बिजली बहाल करने में अतिरिक्त समय लग रहा है।

विभाग का दावा है कि शहर के कई इलाकों में व्यवस्था सुधार का काम जारी है और जानबूझकर कहीं भी बिजली कटौती नहीं की जा रही, बल्कि भविष्य में बेहतर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।



































