JAGDALPUR NEWS. केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में मंगलवार को बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में नक्सल मुक्त बस्तर के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया गया। बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब भय का माहौल खत्म हो चुका है और यहां हर ओर उत्साह व विश्वास दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कांग्रेस में कांग्रेस ने बस्तर को नक्सल मुक्त करने के अभियान में सहयोग नहीं किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और डिप्टी सीएम व गृहमंत्री Vijay Sharma भी मौजूद रहे।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर में विकास नहीं पहुंच पाने के कारण ही नक्सलवाद पनपा। देश के कई अन्य पिछड़े क्षेत्रों ने समय के साथ विकास किया, लेकिन बस्तर लंबे समय तक पीछे रह गया। उन्होंने कहा कि 19 मई 2026 से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक विकास अभियान की शुरुआत हो रही है और बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि नक्सल मुक्त होने के बाद 200 में से 70 सुरक्षा कैंपों को “वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सेवा डेरों के जरिए सरकार की योजनाएं सीधे गांवों तक पहुंचाई जाएंगी। यहां बैंकिंग, आधार कार्ड, डिजिटल सेवाएं, कौशल प्रशिक्षण, राशन, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने के लिए गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना भी शुरू की जाएगी, जिससे अगले छह महीनों में बस्तर में बड़ा डेयरी नेटवर्क तैयार होगा।

गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर लंबे समय तक बिजली, पानी, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा। अब सेवा डेरा मॉडल के माध्यम से पूरे क्षेत्र में विकास कार्य तेज किए जाएंगे। उन्होंने जवानों के साहस और बलिदान को नक्सल उन्मूलन की सबसे बड़ी ताकत बताया।

अमित शाह ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 हजार 557 करोड़ रुपये की लागत से 12 हजार 211 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 5 हजार मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं, जबकि कुल 13 हजार टावर लगाने की योजना है। इसके अलावा 1804 बैंक शाखाएं, 1321 एटीएम और 800 पोस्ट ऑफिस शुरू किए गए हैं। बस्तर में 259 एकलव्य स्कूल, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, जहां युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। जगदलपुर में 240 बिस्तरों वाले अस्पताल का भूमिपूजन भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए “बस्तर पंडुम” का आयोजन किया जा रहा है। युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए “बस्तर ओलंपिक” आयोजित किया जा रहा है, जिसमें इस बार 3 लाख 64 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली भी शामिल रहे।




































