MANEDRAGARH NEWS. जिला कलेक्ट्रेट का सभाकक्ष मंगलवार को जनता की अदालत में तब्दील नजर आया, जहां आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के सामने रखीं। सुशासन को धरातल पर उतारने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर का सख्त और संवेदनशील रवैया चर्चा का केंद्र बना रहा।

जनदर्शन में जिले के दूरस्थ गांवों से आए लोगों की समस्याएं सुनते हुए कलेक्टर ने 45 से अधिक गंभीर और संवेदनशील मामलों की समीक्षा की। फरियादियों की बातें सुनने के बाद उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई की जाएगी।


कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि हर नागरिक को उसका अधिकार दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन पर गुणवत्तापूर्ण और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा कार्रवाई की जानकारी सीधे आवेदक तक पहुंचाई जाए।

इस बार का जनदर्शन पारंपरिक बैठकों से अलग नजर आया। कई मामलों में कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे पीड़ितों को मौके पर ही राहत और भरोसा मिला। जिला प्रशासन की त्वरित कार्यशैली से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला और उन्होंने कलेक्ट्रेट से लौटते समय मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।




































