IRAN NEWS. मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच घोषित सशर्त संघर्ष विराम के कुछ ही घंटों बाद ईरान के लावन द्वीप पर बड़ा हमला हो गया। यह हमला बुधवार सुबह एक ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाकर किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10 बजे हुए इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए फायर फाइटर्स को तुरंत मौके पर तैनात किया गया।

हालांकि, फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने इस हमले को दुश्मन की कार्रवाई करार दिया है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। इस हमले के तुरंत बाद ईरान की ओर से खाड़ी देशों में जवाबी कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि उसके कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जो एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन को इंटरसेप्ट करने के दौरान हुईं।

वहीं कुवैत ने भी दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने सुबह से ही ईरान से आए ड्रोन हमलों को रोकना शुरू कर दिया था। कुवैती सेना के अनुसार, इन ड्रोन हमलों का निशाना तेल सुविधाएं, बिजली घर और पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र थे, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके सिस्टम ने 28 ड्रोन को मार गिराया और हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया।

रणनीतिक दृष्टि से लावन द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप देश के प्रमुख कच्चे तेल निर्यात केंद्रों में से एक है, जहां बड़े स्तर पर तेल रिफाइनिंग और निर्यात का काम होता है। यही वजह है कि इस पर हुआ हमला सीधे तौर पर ईरान की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है।

गौरतलब है कि पिछले करीब 40 दिनों से जारी इस संघर्ष को लेकर हाल ही में अमेरिका ने सशर्त संघर्ष विराम की घोषणा की थी, जिसके तहत दोनों पक्षों ने दो हफ्तों तक एक-दूसरे पर हमला न करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, ताजा घटनाओं ने इस समझौते की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच, जेडी वेंस ने हंगरी में एक कार्यक्रम के दौरान इस संघर्ष विराम को “नाजुक समझौता” बताया है। ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर सहमति जताई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।

वेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को काफी हद तक हासिल कर चुका है, लेकिन अगर ईरान बातचीत में विफल रहता है, तो अमेरिका के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष सद्भावना से काम करेंगे, ताकि इस संघर्ष को जल्द समाप्त किया जा सके। फिलहाल, सीजफायर के बावजूद जिस तरह से हमले जारी हैं, उससे साफ है कि मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।




































