WASHINGTON NEWS. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पाकिस्तान की अपील के बाद लिया गया है, हालांकि इसकी समय-सीमा स्पष्ट नहीं की गई है। ट्रंप के मुताबिक, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ने उनसे ईरान पर हमले कुछ समय के लिए रोकने की अपील की थी, ताकि तेहरान को एक साझा और ठोस प्रस्ताव तैयार करने का मौका मिल सके। इस पर सहमति जताते हुए अमेरिका ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोक दी है, लेकिन सेना को अलर्ट मोड में रखा गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि सीजफायर के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ईरान पर दबाव बनाए रखना जरूरी है और जब तक ठोस समझौता नहीं होता, यह रणनीति जारी रहेगी। सीजफायर बढ़ाने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। नाकेबंदी, आर्थिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय दखल के बीच यह देखना अहम होगा कि क्या बातचीत किसी ठोस समझौते तक पहुंच पाती है या नहीं।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। उनके अनुसार, नाकेबंदी के कारण ईरान को रोजाना करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है और देश के भीतर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जल्दी से होर्मुज खोलना चाहता है।

IAEA की चेतावनी—समझौते में हमें शामिल करें
International Atomic Energy Agency (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने सीजफायर बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी शांति समझौते में शुरुआत से IAEA की भागीदारी जरूरी है, ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उनके मुताबिक, इसके बिना कोई भी समझौता प्रभावी नहीं होगा।

ये भी जानिए अन्य बड़े घटनाक्रम
ट्रंप की चेतावनी: ट्रंप ने कहा कि यदि शांति समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय बैठक: United Kingdom और France ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर 30 देशों की बैठक बुलाने का फैसला किया है।
वेंस की यात्रा टली: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
हूती विद्रोहियों की चेतावनी: यमन के हूती समूह ने कहा कि सीजफायर कमजोर है और बड़ा संघर्ष अभी बाकी है।
मैक्रों का बयान: इमैनुएल मैक्रों ने होर्मुज नाकेबंदी को अमेरिका की गलती बताया।




































