BILASPUR NEWS. शहर में चर्चित “बादाम कांड” अब एक नए एंगल से चर्चा में है सरकारी दफ्तरों में लंबित फाइलों और कार्यप्रणाली पर सवाल। एनओसी जारी करने में देरी से शुरू हुआ विवाद अब वायरल वीडियो के बाद बड़े प्रशासनिक मुद्दे में बदल गया है।

शिकायतकर्ता महिला और उसके बेटे का आरोप है कि उनका आवेदन महीनों तक बिना स्पष्ट कारण के लंबित रखा गया। बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ा, जिससे उनकी परेशानी बढ़ती गई। यही नाराजगी आखिरकार विवाद में बदल गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।

वीडियो में कार्यालय परिसर के भीतर तीखी बहस दिखाई दे रही है, जहां आवेदक महिला बदसलूकी का आरोप लगाते हुए गुहार लगाती नजर आती है। इस घटना ने सिर्फ एक कर्मचारी पर सवाल नहीं उठाए, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर बहस छेड़ दी है—क्या आम नागरिक को एक साधारण काम के लिए इतना संघर्ष करना पड़ेगा?

मामले में आरोपों से घिरीं वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे ने खुद को निर्दोष बताया है, लेकिन विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए उन्हें नवा रायपुर अटैच कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारी को भी साइडलाइन किया गया है।
सूत्र बताते हैं कि संबंधित फाइल मार्च 2025 से लंबित थी और आदेश जारी होने के बाद भी आवेदक को राहत नहीं मिली। इस देरी ने ही पूरे विवाद को जन्म दिया।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवाओं की जरूरत को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि यह मामला केवल कार्रवाई तक सीमित रहता है या सिस्टम में वास्तविक सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।




































