TIRANDAJ.COM चीन में कोरोनावायरस के बढ़ते ममलों से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। चीन में पिछले कुछ दिनों में लाखों लोग संक्रमण की शिकार हुए है। इतना ही नहीं बड़े पैमाने पर लोगों ने कोरोना से अपनी जान भी गंवाई है। जहां एक ओर अस्पतालों के जगह नहीं है तो वहीं राजधानी बीजिंग में शवों के अंतिम संस्कार के लिए लोगों को श्मशानों में 24 घंटे से ज्यादा समय तक इंतज़ार करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार चीन में 20 दिसंबर तक संक्रमण के 10,72,004 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 31,309 लोगों की मौतों की हुई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों की माने तो चीन में 18 वर्ष से अधिक आयु की लगभग 90 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन के दो डोज़ दिए जा चुके है। जो कोरोना के गंभीर स्तर से लोगों की रक्षा तो कर सकते हैं लेकिन संक्रमण से बचाव नहीं कर सकते है। वहीं 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 50 प्रतिशत लोगों को ही COVID-19 का बूस्टर शॉट या तीसरा शॉट लग चुका है।
वहीं अगर भारत की बात की जाए तो 20 दिसंबर को देश में एक्टिव केस 3,559 ही थे। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारत में अब तक कोरोना की तीन लहर देख चुका है। पिछले साल भी आशंका थी कि डेल्टा वैरिएंट से हालात बिगड़ सकते है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कोरोना से चीन में बिगड़े हालात देखकर भारत समेत दुनिया भर के देश चिंता में पड़ गए हैं। चीन में इस समय भयंकर ठंड का मौसम है और इसी वजह से माना जा रहा है कि संक्रमण की कुल संख्या 80 करोड़ तक पहुंच सकती है। वहीं अगले तीन महीनों में मौत का अकड़ा पांच से 20 लाख हो सकता हैं। भारत के लोग भी पिछले अनुभव के कारण काफी डर रहे हैं। हालांकि देश के वायरोलॉजिस्ट और विशेषज्ञों का मानना है कि चीन जैसे हालात होने की संभावना भारत में कम है क्योंकि देश पहले ही इसकी कीमत अदा कर चुका है।









































