JASHPUR. जिले के जंगल से हाथियों का एक दल उत्पात मचाने के बाद बॉर्डर पार ओडिशा चले गए। वहां उन्हें अवैध तरीके से महुआ से शराब बनाने वालों का रखा सड़ा महुआ मिल गया। फिर क्या था, सभी ने जी भरकर उसे खाया और जब शराब सा नशा चढ़ा तो जंगल में जहां— तहां सो गए। बाद में उठने के बाद भी मदहोशी छाई रही और झूमते नजर आए। इसे ओडिशा के वन अफसरों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब इधर छत्तीसगढ़ में भी खूब वायरल हो रहा है। वहीं वन विभाग के स्थानीय अफसर भी इन हाथियों पर नजर रखे हैं जो कभी भी दोबारा घुसकर हमला कर सकते हैं।
हाथियों के प्रबंधन और उनका लोकेशन जानने के लिए समीपवर्ती राज्य ओडिशा और झारखंड के वन विभाग के अफसरों और छत्तीसगढ़ के स्थानीय वन अफसरों के बीच सूचना का आदान— प्रदान होता है। उसी में अब ये जानकारी निकलकर सामने आई है जो हाथियों की दहशत के बीच कुछ पल के लिए नाटकीयता लिए हुए और मनोरंजन के साथ कौतुहल का विषय बन गया है। दरअसल, बीते दिनों हाथियों का एक दल जशपुर जिले के वनांचल में आतंक मचा रहे थे। फिर ये दल अंतरराज्यीय सीमा को पार कर ओडिशा चले गए। वहां भी स्थानीय वन अफसर उन पर नजर रखे हुए थे।
इस सीमावर्ती इलाके में जंगल से बड़ी तादात में महुआ मिलता है, जिसका संग्रहण कर स्थानीय ग्रामीण न सिर्फ बिक्री करते हैं बल्कि कई लोग अवैध तरीके से शराब बनाकर भी बेचते हैं। उन्हीं में से कुछ लोगों ने महुआ से शराब बनाई थी। फिर सड़े हुए महुआ को एक साथ एक ही जगह पर फेंक दिया था। यहां हाथियों का ये दल पहुंच गया। फिर क्या था, उसकी खुशबू और स्वाद पाकर वे टूट पड़े। सारे महुए को चट करने के बाद उसने असर भी दिखाया। इतना असर किया कि वे जहां के तहां जमीन पर सो गए। काफी समय तक सोने के बाद जब वे उठे तो मदहोशी में झूमने लगे। उन पर नजर रख रहे ओडिशा के वन अफसरों ने फोटो खींच लिया।

ये खतरनाक भी हो सकते हैं
जशपुर के स्थानीय वन अफसरों से इस बारे में जब बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि ये हाथी तो छत्तीसगढ़ के ही हैं, लेकिन वे अभी ओडिशा चले गए हैं। वीडियो और फोटो वहीं का है। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि ये मदहोश हाथी और ज्यादा खतरनाक होते हैं। तब ये दुगना ताकत लगाकर हमला करते हैं जिससे नुकसान का खतरा ज्यादा रहता है और वे ज्यादा आक्रामकता भी दिखा सकते हैं।








































