तीरंदाज, डेस्क। शराब के शौकीन हैं तो यह खबर आपके लिए है। क्या आपने कभी सोचा है शराब के साथ अक्सर चखने के रूप में मूंगफली ही क्यों खाते हैं। इसका जवाब ज्यादातर लोगों के पास नहीं होगा क्योंकि किसी ने अब तक इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। इसके पीछे भी एक खास वजह है जिसमें आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

चखना की अहमियत तो एक शराबी ही बता सकता है और सबसे किफायती चखना भुंजी मूंगफली होती है। शराब की दुकानों के पास अक्सर आपकों मूंगफली बेचने वाले मिल जाएंगे जो पांच रुपए में आपको चखना दे देंगे। हम यहां मूंगफली की बात कर रहे हैं जो शराबियों के लिए चखने के रूप में पहली पसंद माना जाता है। सेंदा नमक के साथ भुंजी मूंगफली भारत के छोटे रेंस्त्रा से लेकर बड़े-बड़े बार व पब में मिल जाएगा।

साइंटिफिक रीजन है इसके पीछे
चखने के तौर पर मूंगफली देने के पीछे साइंटिफिक रीजन है। रिसर्च से पता चला है कि मूंगफली खाने वालों को प्यास ज्यादा लगती है। जब नमकीन भुंजी मूंगफली खाते हैं तो यह हमारे गले की नमी को शोककर उसे ड्राई कर देता है। इससे प्यास लगती है। चुंकि उस समय शराब का दौर चल रहा होता है तो शौकीन दो की जगह चार पांच पैग गटक जाता है। आम तौर पर प्यस लगने पर व्यक्ति से 200 से 500 एमएल पानी पीने की क्षमता रखता है लेकिन शराब के साथ वही व्यक्ति डेढ से दो लीटर तक पानी पी जाता है। इसके पीछे मूंगफली एक बड़ा कारण है।
शराब की कड़वाहट भी होती है दूर
मूंगफली को लेकर वैज्ञानिकों की राय है कि इसके कुछ दाने खाने के बाद शराब पीना आसान हो जाता है। दरअसल यह शराब की कड़वाहट को दूर करने में मदद करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मूंगफली हमारी स्वाद ग्रंथियों पर ऐसे काम करता है कि इसे खाने के बाद शराब की कड़वाहट कम महसूस होती है। शराब ही नहीं शौकीन बीयर के साथ भी मूंगफली को खाना पसंद करते हैं। मूंगफली के कारण एक की जगह दो से तीन बीयर भी आसानी से गटक लेते हैं।






































