ग्राम खरड़ी निवासी धीरपाल (50) के बेटे की करीब 3 से 5 महीने पहले बीमारी के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से धीरपाल को शक था कि उसकी रिश्तेदार कौशल्या ने जादू-टोना कर उसके बेटे की जान ली है। इसी अंधविश्वास ने धीरे-धीरे उसके मन में गहरी रंजिश का रूप ले लिया। Read More

































