INDORE NEWS. इंदौर के एमवाय अस्पताल में एक ठग ने इलाज के नाम पर तीन लोगों से करीब 22 हजार रुपये ठग लिए। यह आरोपी खुद को डॉक्टरों से जुड़ा बताकर मरीजों के परिजनों को झांसा देता था कि वह ऑपरेशन अच्छे से करवा देगा। मगर, इसके लिए अतिरिक्त पैसे देने होंगे। इस फरेब के चलते कई लोग उसके फंदे में फंस गए।
धार के अजय सोलंकी 31 अक्टूबर को अपनी मां का इलाज करवाने एमवाय अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल में जब अजय ऑपरेशन थियेटर के बाहर बैठे थे, तभी एक अज्ञात युवक उनके परिवार के सदस्य राहुल पटेल के पास आया। उसने कहा कि उनकी मां का ऑपरेशन अच्छे तरीके से करवा देगा, इसके लिए पैसे देने होंगे।

तीन लोगों को लगाया चूना
भरोसा कर राहुल ने आरोपी के बताए मोबाइल नंबर और बारकोड के जरिए 8 हजार रुपए भेज दिए। ठग ने इसी तरकीब से अस्पताल में मौजूद दो अन्य परिजनों से भी पैसे ऐंठे। सुखलाल की पत्नी सडिया से उसने 5 हजार रुपये और गोलू अय्यर से 9 हजार रुपये “बेहतर इलाज” का झूठा दावा करके वसूले। कुल मिलाकर इस फर्जीवाड़े में तीनों से लगभग 22 हजार रुपए ठगे गए।
पुलिस ने दर्ज की शिकायत
पीड़ितों की शिकायत के बाद संयोगितागंज पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस एमवाय अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस ठग की तलाश कर रही है। अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों मामले को गंभीरता से देख रहे हैं ताकि इस तरह के धोखाधड़ी को रोका जा सके और मरीजों व उनके परिजनों को राहत मिल सके।

पेंशन दिलाने के नाम पर ठगे ढाई लाख रुपए
दूसरे मामले में इंदौर में ऑनलाइन ठग ने भोपाल ट्रेजरी ऑफिस का अधिकारी बनकर 65 साल के ध्यानूराव बच्चन से करीब ढाई लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने सरकारी विभाग का लोगो और एक फर्जी लिंक भेजकर पीड़ित को विश्वास में लिया और उसके बैंक खाते से ये रकम ट्रांसफर करा ली।
पवनपुरी कॉलोनी के रहने वाले ध्यानूराव ने बताया कि उनके खाते से 16 अक्टूबर को उच्च रकम निकाली गई। उन्होंने बैंक और पुलिस को तुरंत सूचित किया। पुलिस ने मोबाइल नंबर और ट्रांजेक्शन डिटेल्स के आधार पर मामला दर्ज करके साइबर सेल को सौंप दिया है।

दिल्ली के कारोबारी ने युवक से ठगे 39 लाख
इंदौर के 29 साल के सिद्धार्थ जैन से दिल्ली का एक व्यापारी करीब 39 लाख 42 हजार रुपए की ठगी की है। आरोपी ने मशीन सप्लाई करने का झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी धनेंद्र उर्फ रॉकी नंदा स्वामी ने खुद को “अन्नपूर्णा मशीनरी इंडिया” का मालिक बताया था।

दिल्ली में दबिश देने की तैयारी में पुलिस
उन्होंने “ए-वन सेट 4 ब्लॉकर वर्टिकल टाइप 610 मिमी वायर ड्रॉइंग मशीन विथ कंप्लीट एक्सेसरीज” सप्लाई करने का वादा किया था। लेकिन मशीन न देकर वे पैसे हड़प गए। जब सिद्धार्थ ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। सराफा थाना पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए धनेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस आरोपी की लोकेशन दिल्ली में तलाश रही है और उसके पते पर दबिश देने की तैयारी कर रही है।




































