BILASPUR. बिलासपुर रेलवे प्रबंधन जोनल स्टेशन के आस-पास के एरिए का कायाकल्प करने जा रहा है। इस काम में सबसे बड़ी बाधा बापूनगर का क्षेत्र है। रेलवे ने इस समस्या हल भी निकाल लिया है। प्रबंधन अब पूरी बस्ती को ही हटाने जा रहा है। इसके लिए बस्तीवासियों को 15 दिनों के अंदर खुद से जगह खाली करने का समय दिया गया है। बता दें कि इस बस्ती में अधिकांश छोटे तबके के लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं।

दरअसल, रेलवे इस कायाकल्प योजना के अंतर्गत 22 फीट चौड़ी नई सड़क भी बनाई जा रही है। यह सड़क बापूनगर के बीच से होकर गुजरेगी। जो बापूनगर होते हुए चुचुहियापारा अंडरब्रिज से लेकर हेमूनगर तक जाएगी। बता दें कि रेलवे की टीम गुरुवार को इन झोपड़ियों को हटाने के लिए बस्ती भी पहुंच गई थी। इसके बाद उनका बस्तीवासियों से काफी विवाद भी हुआ। बस्ती वालों का कहना था कि वो यहां सालों से रह कर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। उनकों ऐसे नहीं हटाया जा सकता, पहले उनके रहने के लिए दूसरी व्यवस्था की जाए। विवाद बढ़ने के बाद रेलवे की टीम बैरंग लौट गई थी।

इसके बाद अफसरों ने विचार-विमर्श करने के बाद तय किया है कि, बापूनगर के रहवासियों को बस्ती खली करने के लिए 15 दिनों का समय दिया जायगा। अगर उसके बाद भी वो जगह खाली नहीं करते हैं तो रेलवे पुलिस बल की मदद ली जाएगी। उनको जबरन बाहर निकालकर मकानों को तोड़ा जाएगा। मोहल्लेवासियों को आज 23 दिसम्बर को इस संबंध में इसकी सूचना दे दी गई है। लेकिन अल्टीमेटम मिलने के बाद भी बस्तीवासी जगह खाली करने के लिए तैयार नहीं है।

बस्ती खाली करने दी 15 दिनों की मोहलत
वहीं बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विकास कश्यप का इस मामले को लेकर कहना है कि बापूनगर के लोगों को पहले ही काफी मोहलत दी जा चुकी थी। लेकिन, उन्होंने बस्ती को अब तक खाली नहीं किया है। इसके बाद भी उन्हें 15 दिन का और समय दिया गया है। यदि वो लोग इन 15 दिनों में बस्ती खाली नहीं करते तो उसे जबरदस्ती खाली कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुगम आवागमन के लिए सड़क का बनना जरूरी है। सात मीटर चौड़ी और आधी किलोमीटर लंबी सड़क के बनने से रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को आसानी होगी।






































