तीरंदाज डेस्क. छत्तीसगढ़ सरकार की महती योजना ‘गोधन न्याय’ की चर्चा चहुओर हो रही है। चाहे पक्ष हो या विपक्ष सभी इससे खासे प्रभावित है। चर्चा है कि आलोचक योजना की अंदरखाने तारीफ ही कर रहे है। कांग्रेस भी बार-बार कहती है कि गौ माता के ईर्द-गिर्द राजनीति करने वाली भाजपा ने अपने मां के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गो माता को मुख्यधारा में लाए और इन्हें अर्थव्यवस्था से जोड़ दिया। इस योजना की लोकप्रियता का ही असर है कि उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री भी गोमूत्र और गोबर के धार्मिक महत्व को बता रहे है और गोबर खरीदी की बात भी कर रहे है।

एक ओर जहां कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गोवंशों को गोधन माना जा रहा है। यहां सरकार गायों के गोबर से लेकर गो मूत्र की खरीददारी कर रही है। तो वहीं उत्तरप्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ विधायक धर्मपाल सिंह भी गोवंश पर छत्तीसगढ़ सरकार की कसौटी पर ही बयान दे रहे है। वे गो माता को गोधन मान रहे है। वह कहते है कि गोमूत्र में गंगा मैया, गाय के गोबर में मां लक्ष्मी का वास होता है। उनकी माने तो गोबर के दीए जलाने से घर, परिवार और समाज में सुख, समृद्धि का संचार होता है। साथ ही गोबर को दो रुपए किलो में खरीददारी करने की बात भी कह रहे है। इतना ही नहीं वे कह रहे है कि गोबर से बने दीप प्रज्जवलित करने से वास्तु दोष और ग्रह दोष से इंसान मुक्त होता है।

दो रुपए में खरीदेंगे गोबर
UP के मंत्री धर्मपाल सिंह कह रहे है कि हम गोबर की दो रुपए में खरीदी करेंगे। इसके लिए मसौदा तैयार कर अधिकारियों को रूपरेख तैयार करने के लिए कहा जाएगा। जबकि छत्तीसगढ़ की बात करे तो यहां प्रदेश सरकार ‘गोधन न्याय योजना’ चला रही है। इस योजना के माध्यम से सरकार गाय, गोबर, गोमूत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ दी है, जिससे गोवंशों, गो पालकों और सरकार को भी लाभ हो रहा है।

गोबर खरीदी कर चर्चाओं में है भूपेश
छत्तीसगढ़ सरकार लीक से हटकर योजना चलाकर गोबर की खरीदी कर रही है। सरकार गोबर खरीदी कर और गोमूत्र का क्रय कर चर्चाओं में है। इससे गो माता भी चर्चा में बनी हुई है। वहीं बड़ी संख्या में गो पालक आर्थिक तौर पर मजबूत हो रहे है और गोवंशों की महत्ता पहले के मुकाबले और ज्यादा बढ़ रही है।





































