JHANSI NEWS. उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के गुरसराय नगर में शराब के ठेके को लेकर महिलाओं का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर देखने को मिला। नारायणपुरा मोहल्ले में नहर वाली सड़क किनारे संचालित देसी शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट हो गईं। आक्रोशित महिलाओं ने ठेके में रखी शराब की बोतलें और पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं और उन्हें कुचलकर अपना विरोध जताया। इसके बाद महिलाएं सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगीं।
शराब के ठेके से परिवारों पर पड़ रहा बुरा असर: महिलाएं
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि रिहायशी इलाके में शराब का ठेका होने से मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा है। ठेके से शराब खरीदने के बाद कई लोग आसपास ही बैठकर शराब पीते हैं और नशे की हालत में घर पहुंचकर अपनी पत्नियों के साथ विवाद और मारपीट करते हैं। इससे मोहल्ले के कई परिवारों में आए दिन तनाव की स्थिति बनी रहती है।
महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उनके मुताबिक, आधा दर्जन से अधिक युवकों की शराब के सेवन से जुड़ी बीमारियों के चलते मौत हो चुकी है। वहीं, कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने यह भी कहा कि शराब की वजह से बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
महिलाओं के उग्र प्रदर्शन और शराब की पेटियां सड़क पर फेंके जाने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उप जिलाधिकारी सुनील कुमार ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने महिलाओं को नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एसडीएम के समझाने और कार्रवाई के भरोसे के बाद महिलाओं ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
ठेका हटने तक जारी रहेगा विरोध
महिलाओं ने प्रशासन के सामने साफ कर दिया कि उनकी मांग केवल आश्वासन तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि रिहायशी मोहल्ले के बीच शराब का ठेका संचालित होने से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने प्रशासन से नारायणपुरा मोहल्ले से देसी शराब का ठेका हटवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शराब की दुकान को वहां से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन महिलाओं की इस मांग पर क्या कदम उठाता है।






































