JHANSI NEWS. उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (UP PET) के दौरान नकल का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झांसी में एक अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करते हुए पकड़ा गया। हैरानी की बात यह है कि उसने इस डिवाइस को सैनिटरी पैड के अंदर छिपा रखा था और उसे अपने अंतःवस्त्रों में रखकर परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचा था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी अभ्यर्थी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सैनिटरी पैड में छिपाकर लाया था इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
झांसी पुलिस के मुताबिक, 30 अक्टूबर को जिले में UPSSSC की PET परीक्षा आयोजित की जा रही थी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होनी थी। इसी दौरान नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज के एक परीक्षा कक्ष से अभ्यर्थी के पास से अजीब तरह की सरसराहट की आवाज आने की सूचना मिली।

इसकी जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जब संदिग्ध अभ्यर्थी की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई। जांच में पता चला कि अभ्यर्थी ने डिवाइस को सैनिटरी पैड में छिपाकर अपने अंतःवस्त्रों में रखा था, ताकि सुरक्षा जांच के दौरान किसी को शक न हो।

प्रयागराज का रहने वाला है आरोपी अभ्यर्थी
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए अभ्यर्थी की पहचान आकाश पटेल के रूप में हुई है, जो प्रयागराज का रहने वाला है। वह झांसी के परीक्षा केंद्र पर PET की परीक्षा देने पहुंचा था। परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर को उसके पास से कुछ सरसराहट जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसकी जांच की गई।
तलाशी के दौरान सैनिटरी पैड में छिपाई गई डिवाइस और अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी इसी डिवाइस की मदद से परीक्षा में नकल कर रहा था। फिलहाल उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
UP PET में 35 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने कराया रजिस्ट्रेशन
इस बार उत्तर प्रदेश PET परीक्षा में 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। परीक्षा का आयोजन अलग-अलग तारीखों में किया जा रहा है। 30 अक्टूबर के बाद अब 1 नवंबर को भी परीक्षा आयोजित होनी है।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने को देखते हुए रेलवे और परिवहन विभाग की ओर से भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, जबकि परिवहन विभाग ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है।





































