RAIPUR NEWS. श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज महासभा में एक बार फिर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। महासभा के अनधिकृत चुनाव अधिकारी श्री सूर्यकांत भाई राठौड़ (रायपुर) को एक कड़ा पत्र लिखकर वर्तमान चुनाव प्रक्रिया को तत्काल रोकने और न्यायालयीन कार्यों में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी गई है। पत्र के माध्यम से समाज के वर्तमान अध्यक्ष और उनके गुट पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक आरोप लगाए गए हैं, जो अब समाज में चर्चा का विषय बन गए हैं।

असंवैधानिक चुनाव और 12 साल के हिसाब पर सवाल
शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2024 में वडोदरा में एक असंवैधानिक प्रक्रिया के तहत श्री विनोदभाई सोलंकी को महासभा का अध्यक्ष बना दिया गया था। आरोप है कि पिछले चार चुनाव असंवैधानिक तरीके से कराए गए हैं। इसके अलावा, पिछले 12 वर्षों के खातों का कोई स्पष्ट विवरण नहीं है और जुलाई 2025 तक कोलकाता के चैरिटीज कमिश्नर ऑफिस में ‘चेंज रिपोर्ट’ की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गई हैं।

4.50 करोड़ का घोटाला और निष्कासन की कार्रवाई
पत्र में कई अन्य गंभीर मामलों का खुलासा किया गया है:
– वित्तीय हेराफेरी: कच्छ के मुंद्रा में महासभा का नाम इस्तेमाल कर 4.50 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया गया है।
– समानांतर संस्था: वर्तमान प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने रायपुर में एक समानांतर संस्था रजिस्टर कराकर समाज को बांटने का प्रयास किया है।
– तानाशाही रवैया: बिना किसी ठोस कारण के समाज के 8 सदस्यों को महासभा से निष्कासित कर दिया गया है।
– पारदर्शिता की कमी: समाज के बड़े आयोजनों के खर्च और हिसाब-किताब को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

न्यायालयीन मामलों में हस्तक्षेप और समाज से तथ्य छिपाने का आरोप
शिकायतकर्ता ने बताया है कि कोलकाता की अलीपुर कोर्ट में इन मामलों को लेकर प्रकरण (23-1-2026 से) विचाराधीन है। आरोप है कि सोलंकी बंधु और उनके समर्थक अपनी कमजोरियों और घोटालों को छिपाने के लिए समाज के मासिक मुखपत्र “सेतु समाज संदेश” में इन तथ्यों को प्रकाशित नहीं होने देते। हाल ही में एक व्हाट्सएप ग्रुप पर गांधीधाम के नितिनभाई द्वारा न्यायालयीन कार्यों में किए जा रहे अनधिकृत हस्तक्षेप का भी पर्दाफाश किया गया है।
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चुनाव अधिकारी को सख्त चेतावनी
पत्र के अंत में चुनाव अधिकारी सूर्यकांत भाई राठौड़ को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई है कि वे नए चुनाव के नाम पर फॉर्म भरवाकर समाज में नई समस्या खड़ी कर रहे हैं। उनसे तत्काल इस अनधिकृत चुनावी कार्यवाही को रोकने की अपील की गई है। पत्र में साफ कहा गया है कि यदि इस असंवैधानिक प्रक्रिया को नहीं रोका गया, तो भविष्य में होने वाली सभी अनुचित गतिविधियों के लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। समाज के सदस्यों से अपील की गई है कि वे न्यायालय की कार्यवाही में सहयोग करें और नई विवादित प्रक्रियाओं से बचें।






































