NEW DELHI NEWS. भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार, 4 अक्टूबर को उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक को उम्मीदवार घोषित किया। कोयल मल्लिक बंगाली फिल्म अभिनेत्री हैं और इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं। पश्चिम बंगाल से भाजपा ने जिस कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है, वह पहले तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं। उन्होंने जुलाई 2026 में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई सीट पर अब उपचुनाव होना है और भाजपा ने इसी सीट से उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है।

कोयल मल्लिक बंगाली सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा हैं और कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। उनके नाम की घोषणा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अब वह उसी खाली हुई राज्यसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगी, जिस पर पहले वह TMC सांसद थीं।भाजपा ने उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया है। आर्य नैनीताल से भाजपा के सक्रिय नेता रहे हैं और नैनीताल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में उन्हें उत्तराखंड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का दायित्व मिला हुआ है।

राज्यसभा चुनाव के लिए उनका नाम सामने आने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की ओर से उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उनके टिकट को लेकर किसी संभावित राजनीतिक असर का आकलन अभी चुनाव परिणाम से पहले नहीं किया जा सकता।

12 सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव
राज्यसभा चुनाव के तहत उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की एक और पश्चिम बंगाल की एक सीट पर चुनाव होना है। इनमें पश्चिम बंगाल की सीट पर उपचुनाव होगा, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होंगे। मतदान और मतगणना 16 अक्टूबर 2026 को होगी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं।

भाजपा जल्द जारी करेगी बाकी नाम
भाजपा ने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए पार्टी की ओर से बाकी उम्मीदवारों के नाम बाद में घोषित किए जाने हैं। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की सीटों के अलावा उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट पर भी परिणाम राज्यसभा के समीकरण को प्रभावित करेंगे।





































