DHAMTARI NEWS. बैंक में पैसा सुरक्षित रखने और FD पर ब्याज पाने की उम्मीद में 29 ग्रामीणों ने कियोस्क संचालक पर भरोसा किया, लेकिन जब रकम वापस लेने का समय आया तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। ग्रामीणों को पता चला कि जिन FD की आईडी उन्हें दी गई थी, बैंक के रिकॉर्ड में ऐसी कोई FD मौजूद ही नहीं थी। मामला धमतरी जिले के ग्राम कोरा का है, जहां SBI के कियोस्क संचालन से जुड़े केशव राम साहू पर खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना कर 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपए की रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, केशव राम साहू ग्राम कोरा में SBI के कियोस्क यानी ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करता था। उसकी नियुक्ति SBI के अनुबंध पर कियोस्क संचालन कराने वाली संस्था एनआईसीटी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच आरोपी ने खाताधारकों से FD के लिए रकम ली।

इसके बदले उन्हें बैंक की FD होने का भरोसा दिलाते हुए फर्जी आईडी और दस्तावेज दिए गए। जब ग्रामीण अपनी FD की रकम निकालने बैंक पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके नाम पर बैंक में कोई FD दर्ज ही नहीं है। इसके बाद मामले की शिकायत एनआईसीटी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर ने भखारा थाने में की। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश की।

पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसकी निशानदेही और मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर पहुंची। यहां गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने 29 हितग्राहियों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बॉन्ड पेपर बरामद किए। इसके अलावा एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की कथित संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 21 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार किया गया।

इसके बाद कुरूद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी केशव राम साहू (40) मूल रूप से बालोद जिले के देवकोट का रहने वाला है। वर्तमान में वह रायपुर के बोरियाखुर्द इलाके में रह रहा था।





































