AMBIKAPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे-130 स्थित लहपटरा टोल नाके पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की गाड़ी पर टोल बैरियर का बूम गिरने के बाद विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि घटना से नाराज मंत्री के निजी सहायक (PA) ओम प्रकाश राजवाड़े ने टोल कर्मचारी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। मामले में पीड़ित कर्मचारी ने ग्रामीणों और अन्य टोलकर्मियों के साथ लखनपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।

मंत्री की फॉर्च्यूनर पर गिरा बैरियर
जानकारी के मुताबिक, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बिलासपुर से अंबिकापुर की ओर जा रही थीं। रात करीब 12:30 बजे उनका काफिला लहपटरा टोल नाके पर पहुंचा। काफिले में दो वाहन थे। सबसे आगे चल रही इनोवा के टोल बैरियर पार करते ही स्वचालित सिस्टम से बूम नीचे आ गया। इसी दौरान पीछे से आ रही मंत्री की फॉर्च्यूनर के ऊपर बैरियर गिर गया, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा।
PA पर टोलकर्मी को थप्पड़ मारने का आरोप
घटना के बाद मंत्री के PA ओम प्रकाश राजवाड़े सुरक्षाकर्मियों के साथ वाहन से उतरे और टोल बूथ पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने टोल कर्मचारी महेंद्र राजवाड़े के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की।
पीड़ित कर्मचारी का कहना है कि उसकी कोई गलती नहीं थी और उसने माफी भी मांगी, लेकिन इसके बावजूद PA ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपनी गाड़ी में ही बैठी रहीं। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर PA को वापस वाहन में बैठाया।

फॉलो वाहन हटाने से हुई गलतफहमी?
टोल कर्मचारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की अपील के बाद मंत्री ने अपने काफिले का आकार छोटा कर दिया था और फॉलो वाहन हटा दिया गया था। ऐसे में टोल कर्मियों को पीछे आ रही फॉर्च्यूनर के मंत्री के वाहन होने की जानकारी नहीं थी।
कर्मचारियों का कहना है कि आगे चल रही इनोवा के निकलते ही स्वचालित सिस्टम के तहत बैरियर नीचे आ गया। यदि फॉलो वाहन साथ होता तो टोल कर्मचारी पहले से सतर्क रहते और बैरियर को ऊपर रखते।

थाने पहुंचा टोल कर्मचारी, MLC कराया गया
घटना के बाद गुरुवार को पीड़ित टोल कर्मचारी महेंद्र राजवाड़े अन्य कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लखनपुर थाने पहुंचा। उन्होंने आरोपी PA के खिलाफ शिकायत सौंपते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पीड़ित का चिकित्सीय परीक्षण (MLC) भी कराया है।

FIR नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस मंत्री के प्रभाव में आकर मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द FIR दर्ज कर कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन करेंगे।
फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई और मंत्री पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।



































