MUNGELI NEWS. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवलपुर में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिस व्यक्ति ने बड़े भाई के बेटे को फोन पर घर का हालचाल बताने का भरोसा दिलाया, वही उसका कथित कातिल निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि पैतृक जमीन और खेत की मेढ़ को लेकर चल रहे विवाद में छोटे भाई ने कुल्हाड़ी से बड़े भाई और भाभी की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने मामले को चोरी या लूट की घटना दिखाने के लिए घर की अलमारी और कमरे के दरवाजे भी खोल दिए थे।

पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के सगे छोटे भाई नंदु कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
18 अगस्त को हुई थी मां-बेटे की आखिरी बातचीत
ग्राम नवलपुर निवासी नंदकुमार कश्यप (56) और उनकी पत्नी गौरी बाई कश्यप (52) गांव में अकेले रहते थे। उनका बेटा मोहन कश्यप बिलासपुर में रहता है। 18 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे मोहन की फोन पर अपनी मां गौरी बाई से बात हुई थी। इसके बाद मोबाइल का रिचार्ज समाप्त हो गया।
23 अगस्त को मोहन ने दोबारा अपने माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठा। लगातार संपर्क नहीं होने पर उसे चिंता हुई और उसने अपने चाचा नंदु कश्यप को फोन कर घर जाकर देखने को कहा। अगले दिन नंदु ने मोहन को बताया कि घर के बाहर ताला लगा हुआ है।
इसके बाद मोहन अपने भाई के साथ नवलपुर पहुंचा। घर के आसपास से तेज बदबू आने पर ताला तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। नंदकुमार और गौरी बाई के शव अलग-अलग बिस्तरों पर सड़ी-गली हालत में पड़े थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में लोरमी पुलिस ने जांच शुरू की। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर के सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
8 एकड़ की जमीन और 50 डिसमिल पर बढ़ी रंजिश
जांच में पुलिस के सामने दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहे पैतृक संपत्ति विवाद की बात सामने आई। करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन के बंटवारे में दोनों भाइयों को 3-3 एकड़ और बहन को 1 एकड़ जमीन मिली थी।
पुलिस के अनुसार माता-पिता की देखभाल करने के कारण बची हुई 50 डिसमिल जमीन छोटे भाई नंदु कश्यप को मिली थी। इसी जमीन में बड़े भाई नंदकुमार भी आधा हिस्सा मांग रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद और रंजिश बढ़ती चली गई।

मेढ़ तोड़ने से भड़का विवाद
पुलिस जांच के अनुसार 16 अगस्त को नंदु ने अपने खेत में खाद डालकर मेढ़ बांधी थी। आरोप है कि नंदकुमार ने मेढ़ तोड़ दी, जिससे खाद और पानी बह गया। इससे दोनों भाइयों के बीच तनाव और बढ़ गया। 17 अगस्त की रात नंदु अपने भाई के घर विवाद करने पहुंचा था, लेकिन नंदकुमार के साले केदार कश्यप के वहां पहुंच जाने से वह वापस लौट गया।
कुल्हाड़ी लेकर छत के रास्ते पहुंचा घर
पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त की रात नंदु कुल्हाड़ी लेकर अपने बड़े भाई के घर पहुंचा। उसने पड़ोसी की बाड़ी से मकान की बाउंड्री पार की और छत के रास्ते घर के भीतर दाखिल हुआ।
बरामदे में सो रहे नंदकुमार के सिर पर उसने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वारदात के दौरान आवाज सुनकर गौरी बाई जाग गईं और उन्होंने कथित तौर पर नंदु को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने उन पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
अलमारी खोलकर चोरी का रूप देने की कोशिश
दोनों की हत्या के बाद आरोपी ने लाइट जलाकर मौत की पुष्टि की। पुलिस के अनुसार इसके बाद उसने वारदात को चोरी या लूट का रूप देने के लिए घर के कमरों और अलमारी के दरवाजे खोल दिए। आरोपी ने आंगन में रखे पानी से अपने हाथ-पैर और कुल्हाड़ी धोई। इसके बाद घर के बाहर ताला लगाकर वहां से फरार हो गया।

शक की सुई घूमी तो चाचा निकला कातिल
पुलिस ने संदेह के आधार पर नंदु कश्यप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर ट्यूबवेल वाले मकान से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी जब्त की गई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि दोहरे हत्याकांड के मामले में आगे की जांच जारी है।





































