NEW DELHI NEWS. आज के समय में YouTube सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं, बल्कि पढ़ाई, खबरों और जानकारी का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। मोबाइल पर वीडियो देखते समय सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को होती है जिनका इंटरनेट डेटा लिमिटेड है। खासकर तब, जब कोई पसंदीदा वीडियो एक बार नहीं बल्कि कई बार देखा जाए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हर बार वीडियो चलाने पर उतना ही डेटा खर्च होता है या YouTube कुछ डेटा बचा लेता है? इसका सीधा जवाब है—ऑनलाइन वीडियो को दोबारा स्ट्रीम करने पर डेटा फिर से इस्तेमाल होता है। हालांकि कुल खपत वीडियो की क्वालिटी और बिटरेट जैसी चीजों पर निर्भर करती है।

YouTube पर डेटा खर्च होने का सबसे बड़ा कारण वीडियो का रिजॉल्यूशन है। 144p और 240p जैसी कम क्वालिटी में वीडियो देखने पर इंटरनेट की खपत कम रहती है। वहीं 720p, 1080p या इससे ज्यादा रिजॉल्यूशन पर वीडियो देखने से डेटा तेजी से खर्च हो सकता है। यानी अगर मोबाइल डेटा बचाना आपकी प्राथमिकता है तो हर वीडियो को HD में चलाना जरूरी नहीं है। मान लीजिए आपने 10 मिनट का एक वीडियो देखा और आपकी चुनी हुई स्ट्रीमिंग क्वालिटी में उसे देखने पर करीब 100MB डेटा खर्च हुआ। अगर आप उसी वीडियो को ऑनलाइन पांच बार चलाते हैं तो सामान्य तौर पर कुल खपत करीब 500MB तक पहुंच सकती है। इसी तरह 10 बार देखने पर यह आंकड़ा करीब 1GB हो सकता है।

इसे एक तय नियम नहीं माना जा सकता। वास्तविक डेटा खपत वीडियो के रिजॉल्यूशन, बिटरेट, फ्रेम रेट और स्ट्रीमिंग परिस्थितियों के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। कई लोगों को लगता है कि एक बार वीडियो इंटरनेट से लोड हो गया तो उसे दोबारा चलाने पर डेटा नहीं लगेगा। लेकिन ऑनलाइन स्ट्रीमिंग में ऐसा जरूरी नहीं है। वीडियो को दोबारा ऑनलाइन चलाने पर YouTube फिर से डेटा ट्रांसफर कर सकता है। इसलिए एक ही वीडियो को बार-बार देखने पर कुल इंटरनेट खपत बढ़ सकती है। डिवाइस में अस्थायी रूप से कुछ डेटा कैश हो सकता है, लेकिन इसे इस तरह नहीं समझना चाहिए कि हर बार पूरा वीडियो बिना इंटरनेट के चल जाएगा।

Auto Quality भी कर सकती है डेटा का खेल
YouTube की Auto Quality सेटिंग भी मोबाइल डेटा की खपत को प्रभावित करती है। इंटरनेट कनेक्शन तेज होने पर प्लेटफॉर्म कई बार वीडियो को बेहतर रिजॉल्यूशन में चला सकता है। ऐसे में यूजर को पता भी नहीं चलता और वीडियो कम क्वालिटी की जगह HD में चलने लगता है। इसके अलावा 1080p या 1440p रिजॉल्यूशन, 60fps वीडियो और लंबे समय तक लगातार स्ट्रीमिंग करने पर डेटा की खपत और बढ़ सकती है।

Shorts देखते समय भी बचकर रहें
YouTube Shorts में एक वीडियो खत्म होते ही दूसरा वीडियो लोड होता रहता है। अगर आप लंबे समय तक Shorts स्क्रॉल करते हैं तो बड़ी संख्या में वीडियो आपके मोबाइल पर लोड हो सकते हैं। इसलिए कुछ मिनट Shorts देखने की आदत भी लंबे समय में काफी मोबाइल डेटा खर्च कर सकती है।
डेटा बचाना है तो ये सेटिंग काम आएगी
अगर आपका मोबाइल डेटा सीमित है तो YouTube में वीडियो क्वालिटी को Data Saver पर रखना उपयोगी हो सकता है। जरूरत न होने पर 1080p या उससे ज्यादा क्वालिटी से बचें। लंबे वीडियो देखने के लिए Wi-Fi का इस्तेमाल करना भी बेहतर विकल्प है। इसके अलावा जहां सुविधा उपलब्ध हो, वहां जरूरी वीडियो को Wi-Fi पर डाउनलोड करके बाद में ऑफलाइन देखा जा सकता है।





































