KATHMANDU NEWS. नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए जलसैलाब ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 273 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1,500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटे हैं।

नेपाल में 270, तिब्बत में 3 मौतें
बाढ़ से नेपाल सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां 270 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तिब्बत क्षेत्र में तीन लोगों की जान गई है। नेपाल में 900 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें 32 देशों के करीब 525 विदेशी पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं चीन की सरकारी मीडिया CCTV के मुताबिक तिब्बत क्षेत्र में 550 से ज्यादा लोग लापता हैं।

288 भारतीयों से संपर्क नहीं
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। राहत की बात यह है कि बचाव दल अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुका है।

तिब्बत में करीब 200 भारतीयों पर नजर
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि तिब्बत क्षेत्र में फंसे करीब 200 भारतीय नागरिकों से संपर्क साधने के प्रयास लगातार जारी हैं। भारत सरकार नेपाल और चीन के प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव अभियान चला रही है।

मलबे में अपनों की तलाश
बाढ़ के बाद कई इलाकों में सड़क और संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। राहत दल मलबे और प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। लापता लोगों के परिजन अपनों की सलामती की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों का जल्द पता लगाने की है।





































