WASHINGTON NEWS. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच फिलहाल नए सैन्य हमलों की आशंका कुछ कम होती दिख रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल के दिनों में कई सहयोगी देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत में संकेत दिया है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने की योजना नहीं बना रहा है। इसके बजाय ट्रंप प्रशासन आर्थिक प्रतिबंधों, नौसैनिक दबाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, रुबियो ने कई विदेशी समकक्षों से कहा कि “फिलहाल” अमेरिका ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई शुरू करने की उम्मीद नहीं कर रहा है।

अमेरिकी रणनीति अब बड़े सैन्य अभियान के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने पर केंद्रित है। इसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखना, ट्रेजरी विभाग के नए प्रतिबंधों को लागू करना और होर्मुज जलडमरूमध्य से ज्यादा से ज्यादा तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की कोशिश शामिल है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ने सैन्य विकल्प पूरी तरह खत्म कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, रुबियो ने साफ किया है कि यदि ईरान पहले अमेरिकी सेना या अमेरिकी ठिकानों पर हमला करता है, तो जवाबी सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी रहेगी। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा रणनीति कम से कम मध्यावधि चुनावों तक जारी रह सकती है। इसके बाद परिस्थितियों के आधार पर सैन्य अभियान पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगों को हटाने और जलमार्ग से तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ने से ईरान का दबाव बनाने वाला प्रमुख हथियार कमजोर हुआ है। इसी वजह से वॉशिंगटन सैन्य हमलों के बजाय समुद्री और आर्थिक दबाव को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। हालांकि, उपलब्ध शिपिंग आंकड़े बताते हैं कि होर्मुज से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अभी भी सामान्य स्तर से काफी नीचे है। रॉयटर्स के मुताबिक, Kpler के शुरुआती शिपिंग डेटा में मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सिर्फ 5 कमोडिटी जहाजों के गुजरने की जानकारी मिली। यह पिछले 10 दिनों के औसत 15 जहाज प्रतिदिन की तुलना में काफी कम है।

इन पांच जहाजों में दो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकर और एक बिटुमेन टैंकर खाड़ी से बाहर निकला। वहीं, दो खाली प्रोडक्ट टैंकर ओमान की खाड़ी की तरफ से जलडमरूमध्य में दाखिल हुए। सोमवार को भी सिर्फ चार जहाजों के पार जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, शिपिंग कंपनियों के ट्रैकिंग सिस्टम में कुछ जहाजों के ट्रांसपोंडर बंद रहने के कारण आंकड़ों में बाद में बदलाव संभव है।

अब सैन्य हमले से ज्यादा आर्थिक जंग
अमेरिका की मौजूदा रणनीति से संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन ईरान को सैन्य हमलों के बजाय आर्थिक और समुद्री दबाव से कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, होर्मुज में जहाजों की कम आवाजाही के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रॉयटर्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच संघर्ष अब काफी हद तक ऊर्जा आपूर्ति और होर्मुज के नियंत्रण को लेकर खिंचाव में बदल गया है।





































