RAIGARH NEWS. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सेंट्रल GST विभाग की टीम ने जोरापाली इलाके में स्थित एक प्लांट में कार्रवाई की। टीम ने कई घंटों तक कंपनी के टैक्स और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने खरीद-बिक्री, बिलिंग, भुगतान और टैक्स जमा करने से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया। साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े लेनदेन भी जांच के दायरे में रहे।
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल GST विभाग संबंधित फर्म के कारोबारी लेनदेन की निगरानी कर रहा था। इसी सिलसिले में टीम अचानक जोरापाली स्थित प्लांट पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की। अधिकारियों ने कंपनी के कर्मचारियों से भी कारोबार और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी ली।

ITC लेनदेन पर विशेष नजर
जांच के दौरान अधिकारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े रिकॉर्ड पर विशेष ध्यान दिया। GST व्यवस्था के तहत कारोबारी खरीद पर चुकाए गए GST का नियमों के अनुसार ITC का दावा कर सकते हैं। यदि फर्जी बिल, बिना वास्तविक खरीद-बिक्री या नियमों के विपरीत ITC का लाभ लेने की आशंका हो, तो विभाग इसकी जांच कर सकता है।
हालांकि, जोरापाली प्लांट में जांच के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जी ITC की पुष्टि अभी विभाग की ओर से नहीं की गई है।

बिलिंग और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान
GST अधिकारियों ने कंपनी के खरीद और बिक्री संबंधी आंकड़ों के साथ बिलिंग सिस्टम की भी पड़ताल की। टैक्स भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी देखा कि कंपनी के अलग-अलग रिकॉर्ड आपस में मेल खाते हैं या नहीं।
ई-वे बिल, GST रिटर्न, ऑनलाइन लेनदेन और बिलिंग से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा रहे। घोषित कारोबार और वास्तविक लेनदेन में किसी तरह के अंतर की संभावना को भी जांचा गया।

टैक्स चोरी की आशंका, लेकिन पुष्टि नहीं
कार्रवाई को संभावित टैक्स चोरी या ITC में अनियमितता की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले इसे टैक्स चोरी का मामला कहना उचित नहीं होगा। फिलहाल विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि जांच में कोई अनियमितता मिली है या नहीं।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान कोई दस्तावेज या अन्य रिकॉर्ड जब्त किए हैं या नहीं।

विभागीय रिपोर्ट का इंतजार
जोरापाली प्लांट में हुई कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कंपनी के रिकॉर्ड में टैक्स या ITC से जुड़ी कोई अनियमितता सामने आई है या नहीं।
फिलहाल सेंट्रल GST विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है। ऐसे में मामले से जुड़े अंतिम निष्कर्ष के लिए विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।






































