BILASPUR NEWS. रिश्तेदारी में भरोसा कर बाइक देना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। रिश्ते में भांजा लगने वाला युवक 15 मिनट में बाइक लौटाने की बात कहकर मोटरसाइकिल लेकर गया, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी वापस नहीं लौटा। लंबे इंतजार और तलाश के बाद पीड़ित ने चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार ग्राम मुढ़ीपार निवासी कामदास मानिकपुरी ट्रांसपोर्ट नगर परसदा स्थित बबलू गैरेज में मुंशी का काम करता है। 31 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे वह अपनी हीरो एचएफ डीलक्स बाइक (CG 10 BT 0191) से गैरेज पहुंचा था। इसी दौरान गांव का रहने वाला दानू मसीह, जिसे कामदास रिश्ते में भांजा कहता है, वहां पहुंचा।

दानू ने जरूरी काम का हवाला देते हुए कामदास से बाइक 15 मिनट के लिए मांगी। गैरेज के चौकीदार अजय और संचालक बबलू विश्वकर्मा की मौजूदगी में कामदास ने उस पर भरोसा करते हुए बाइक सौंप दी। बाइक लेकर निकला दानू इसके बाद वापस नहीं आया।

कामदास ने पहले कुछ समय तक उसके लौटने का इंतजार किया। बाद में मोबाइल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी का फोन कभी बंद मिला तो कभी उसने कॉल रिसीव नहीं की। पीड़ित ने अपने स्तर पर भी आरोपी और बाइक की काफी तलाश की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला।

छह महीने बाद थाने पहुंचा मामला
लगभग छह महीने तक बाइक वापस नहीं मिलने और आरोपी का कोई सुराग नहीं लगने के बाद कामदास ने 9 अगस्त को चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। चोरी गई मोटरसाइकिल की कीमत करीब 35 हजार रुपये बताई गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अब बाइक की बरामदगी और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।






































