JANJGIR CHAMPA NEWS. काले कागज को विशेष केमिकल के जरिए असली भारतीय नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का नवागढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से केमिकल पाउडर, नोटनुमा काले कागज और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक नवागढ़ निवासी साहिल कुमार के पिता को करीब 10 दिन पहले आरोपी तेरस राम महिपाल ने फोन किया था। उसने खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसा विशेष केमिकल है, जिसकी मदद से काले कागज को असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है। आरोपी ने 50 हजार रुपये के बदले 2.5 लाख रुपये मूल्य के काले कागज और केमिकल देने का लालच दिया।

गोविंदा पुल के पास बुलाया, लेकिन शक ने बचा लिया
आरोपी की बातों में आकर प्रार्थी 6 अगस्त को गोविंदा पुल के पास पहुंचा। वहां तेरस राम महिपाल के साथ शिव प्रसाद मनहर और रामरतन साहू भी मौजूद थे। तीनों ने उससे 50 हजार रुपये देने की मांग की। हालांकि बातचीत के दौरान प्रार्थी को पूरे मामले पर संदेह हो गया। उसने आरोपियों से सवाल-जवाब शुरू किए तो तीनों मौके से फरार हो गए। इस तरह प्रार्थी ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गया।

साइबर टीम और मुखबिर तंत्र से शिकंजा
घटना की शिकायत मिलते ही नवागढ़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज कर धारा 318(2), 61(2) बीएनएस के तहत मामला कायम किया। एसपी विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में पुलिस ने साइबर टीम की मदद और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में तेरस राम महिपाल (34 वर्ष), रामरतन साहू (35 वर्ष), शिव प्रसाद मनहर (36 वर्ष) शामिल हैं।

मास्टरमाइंड का पुराना ‘नकली नोट’ कनेक्शन
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड शिव प्रसाद मनहर पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ जैजैपुर थाने में 24 लाख रुपये और रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में 85 लाख रुपये के नकली नोट से जुड़े मामलों में पूर्व में चालान पेश किया जा चुका है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराज्यीय नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।






































