RAIPUR NEWS. राजधानी में सरकारी सुरक्षा बल के नाम पर साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है। बीएसएफ कैंप के लिए 120 तिरपाल खरीदने का फर्जी ऑर्डर देकर ठगों ने एक कारोबारी से 4.59 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। ठगों ने भुगतान की रकम दोगुनी करके लौटाने का लालच दिया था। हालांकि लगातार पैसों की मांग होने पर कारोबारी को शक हुआ और उसने भेजा गया तिरपाल वापस बुला लिया। मामले की शिकायत के बाद पुलिस मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार तेलघानी नाका निवासी 24 वर्षीय प्रतीक अग्रवाल अमन ट्रेडर्स का संचालन करते हैं। 24 जुलाई को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए संदेश आया, जिसमें रायपुर स्थित बीएसएफ कैंप के लिए 120 तिरपाल की आवश्यकता बताई गई। अगले दिन कथित खरीद आदेश (Purchase Order) और जीएसटी नंबर भेजे गए, जिससे कारोबारी को ऑर्डर वास्तविक लगा।

दस्तावेजों पर भरोसा करते हुए कारोबारी ने 31 जुलाई को 120 तिरपाल पिकअप वाहन में लोड कर नवा रायपुर स्थित आर्मी कैंप की ओर रवाना कर दिए। इसके बाद ठगों ने 5.20 लाख रुपए का बिल भेजा और कहा कि यदि यह राशि सेना के खाते में जमा कर दी जाए तो भुगतान दोगुना होकर वापस मिलेगा। ठगों के झांसे में आकर प्रतीक अग्रवाल ने पहले फोन-पे के माध्यम से 60 हजार रुपए भेजे।

इसके बाद बताए गए दो अलग-अलग बैंक खातों में कुल 4.59 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद जब आरोपियों ने और पैसे की मांग शुरू की तो कारोबारी को ठगी का एहसास हुआ। ठगी का संदेह होने पर कारोबारी ने तत्काल तिरपाल की खेप वापस बुला ली और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर, बैंक खाते और ऑनलाइन लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। साइबर पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

साइबर अलर्ट: सरकारी ऑर्डर के नाम पर ठगी से ऐसे बचें
- सेना, बीएसएफ, पुलिस या किसी भी सरकारी विभाग के नाम से मिलने वाले ऑर्डर की संबंधित कार्यालय से आधिकारिक नंबर पर पुष्टि जरूर करें।
- केवल व्हाट्सएप पर भेजे गए खरीद आदेश, जीएसटी नंबर या पहचान पत्र के आधार पर सामान न भेजें।
- “रकम दोगुनी होगी”, “पहले भुगतान करें”, “सिक्योरिटी मनी जमा करें” जैसे किसी भी प्रस्ताव पर भरोसा न करें।
- किसी भी बैंक खाते में बड़ी राशि भेजने से पहले उसकी पुष्टि संबंधित विभाग से करें।
- संदिग्ध कॉल, मैसेज या बैंक खाते की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर थाना को दें।
- ठगी होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत करने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।






































