MANEDRAGARH NEWS. मनेन्द्रगढ़ जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई करने के आरोप में फरार मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

पुलिस के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से 46 प्रतिबंधित Buprenorphine इंजेक्शन और 19 Avil (Pheniramine) इंजेक्शन बरामद किए थे। बालक के पास इन इंजेक्शनों के विक्रय या भंडारण का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। मामले में करीब 60 हजार रुपये मूल्य के इंजेक्शन जब्त कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

विवेचना के दौरान बालक से पूछताछ और मेमोरेंडम कथन में खुलासा हुआ कि उसे ये नशीले इंजेक्शन मध्यप्रदेश के सीधी निवासी मेडिकल स्टोर संचालक विकास कुमार द्विवेदी (26) उपलब्ध कराता था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।

लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को आरोपी विकास कुमार द्विवेदी, पिता रावेंद्र द्विवेदी, निवासी पटेहरा खुर्द, जिला सीधी (मध्यप्रदेश) एवं वर्तमान निवासी मेन मार्केट, पुलिस चौकी क्षेत्र सरई, जिला सिंगरौली (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर और निरंतर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






































