RASHI AUR DHARMA. सावन के दूसरे रविवार पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। आज का दिन सूर्य सप्तमी जैसा फल देगा। ये दिन, शिव और सूर्य दोनों की पूजा से डबल लाभ देने वाला साबित होगा। जानें आज का शुभ मुहूर्त और 12 राशियों का हाल।
2 अगस्त 2026 का विस्तृत पंचांग
दिन – रविवार, 2 अगस्त 2026
विक्रम संवत – 2083, पिङ्गल
शक संवत – 1948
मास – श्रावण, शुक्ल पक्ष
ऋतु – वर्षा

तिथि – अष्टमी सुबह 07:22 तक, उसके बाद नवमी
नक्षत्र – विशाखा दोपहर 02:35 तक, उसके बाद अनुराधा
योग – शुक्ल योग रात्रि 09:48 तक, उसके बाद ब्रह्म योग
करण – बव सुबह 07:22 तक, बालव शाम 06:40 तक, फिर कौलव
सूर्योदय – 05:44 AM
सूर्यास्त – 07:08 PM
चंद्रोदय – 01:32 PM
चंद्रमा राशि – तुला से वृश्चिक में प्रवेश दोपहर बाद

शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:20 AM – 05:02 AM
अभिजीत मुहूर्त: 11:59 AM – 12:51 PM
विजय मुहूर्त: 02:36 PM – 03:29 PM
रवि योग: दोपहर 02:35 से अगले दिन सुबह तक
अशुभ समय
राहुकाल: 05:27 PM – 07:08 PM
यमगंड: 12:26 PM – 02:07 PM
गुलिक काल: 03:47 PM – 05:27 PM
दिशाशूल – पश्चिम दिशा। यात्रा जरूरी हो तो घी या पान खाकर निकलें।
व्रत-त्योहार – सावन का दूसरा रविवार, भगवान भास्कर की उपासना का विशेष दिन, दुर्गा अष्टमी व्रत की उद्यापन तिथि।

12 राशियों का राशिफल – 2 अगस्त 2026
मेष: करियर में सूर्य की तरह चमकेंगे। पिता का सहयोग मिलेगा। सरकारी काम में सफलता।
वृषभ: धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेगा। सेहत पर ध्यान दें।
मिथुन: पुराने दोस्त से मुलाकात लाभदायक रहेगी। बिजनेस में नया आइडिया हिट होगा।
कर्क: मन थोड़ा विचलित रहेगा। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, शांति मिलेगी।
सिंह: आपका दिन है! नेतृत्व क्षमता से सब प्रभावित होंगे। नौकरी में प्रमोशन के योग।

कन्या: लव लाइफ में मिठास बढ़ेगी। छात्रों को प्रतियोगिता में सफलता।
तुला: संपत्ति से जुड़ा विवाद सुलझेगा। रविवार को परिवार संग समय बिताएं।
वृश्चिक: अनुराधा नक्षत्र आपके लिए भाग्यशाली है। अटका हुआ पैसा वापस मिलेगा।
धनु: यात्रा का योग है, धार्मिक स्थल की यात्रा संभव। दान-पुण्य करें।
मकर: कार्यस्थल पर तनाव संभव, वाणी पर संयम रखें। शाम तक स्थिति सुधरेगी।
कुंभ: टेक्नोलॉजी और मीडिया से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ। नया प्रोजेक्ट मिलेगा।
मीन: स्वास्थ्य में सुधार, पुरानी बीमारी से राहत। जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा।
आज का उपाय: रविवार को सुबह सूर्य को तांबे के लोटे से जल में रोली, अक्षत और गुड़ मिलाकर अर्घ्य दें और ॐ घृणि सूर्याय नमः का 108 बार जाप करें।





































