BILASPUR NEWS. सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती कब बड़े साइबर फ्रॉड में बदल जाए, इसका एक और मामला बिलासपुर में सामने आया है। फेसबुक के जरिए दो महिलाओं से हुई पहचान के बाद फॉरेक्स ट्रेडिंग और ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में भारी मुनाफे का सपना देखना शहर के एक अधिवक्ता को 47.60 लाख रुपये से ज्यादा का पड़ गया। आरोप है कि ठगों ने अलग-अलग खातों में निवेश के नाम पर रकम जमा कराई और जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो तरह-तरह के शुल्क बताकर और रकम मांगने लगे।
पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने अदिति मल्होत्रा और प्रिया शर्मा नामक दो महिलाओं के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक पर दोस्ती, फिर शुरू हुआ कमाई का खेल
शिकायत के मुताबिक, 10 जून 2026 को फेसबुक के माध्यम से पीड़ित की दोनों महिलाओं से पहचान हुई। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपियों ने खुद को ड्रॉपशिपिंग बिजनेस और फॉरेक्स ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताया। उन्होंने निवेश के जरिए बड़ा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया और अलग-अलग वेबसाइटों पर अकाउंट बनवाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

RTGS, NEFT, IMPS और UPI से भेजे 47.60 लाख
आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने 14 से 20 जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में RTGS, NEFT, IMPS और UPI के जरिए कुल 47,60,125.80 रुपये जमा कर दिए। शुरुआत में खाते में मुनाफा दिखाई देने का दावा किया गया। लेकिन जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगी का खेल सामने आने लगा।

कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी कन्वर्जन फीस के नाम पर मांगे और पैसे
आरोप है कि रकम निकालने के लिए आरोपियों ने कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी कन्वर्जन फीस और कभी गारंटी मनी के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने को कहा। पीड़ित ने जब और पैसे देने से इनकार किया तो कथित तौर पर ट्रेडिंग अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया और जमा रकम वापस नहीं की गई।

चैट से लेकर बैंक रिकॉर्ड तक पुलिस खंगाल रही डिजिटल सबूत
पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को बैंक ट्रांजैक्शन और स्टेटमेंट के साथ वॉट्सऐप, टेलीग्राम और फेसबुक चैट, वेबसाइटों के स्क्रीनशॉट सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य सौंपे गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों, सोशल मीडिया प्रोफाइल और संबंधित वेबसाइटों की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई।






































