NEW DELHI NEWS. नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शनिवार को बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही प्रदर्शनकारी छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। प्रदर्शन स्थल पर ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ के नारे लगे, राष्ट्रगान गाया गया और पेपर लीक विवाद के तनाव में जान गंवाने वाले छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

इधर, आंदोलन समाप्त कराने और गतिरोध दूर करने के प्रयास में केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता शुरू हो गई। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और सौरभ दास ने CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की, जिसमें आंदोलन से जुड़ी मांगों पर चर्चा हुई।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को आंदोलन की पहली बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि लोग कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन जनता की ताकत के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह केवल “पहला विकेट” है और जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

दीपके ने सरकार से मांग की कि जिन छात्रों ने कथित तौर पर तनाव के कारण आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।

सरकार और CJP के बीच चल रही वार्ता पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि बातचीत के नतीजे से आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय होगी।






































