WASHINGTON NEWS. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने फारस की खाड़ी में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड पर कब्जे की कोशिश की, तो कोई भी अमेरिकी सैनिक सुरक्षित वापस नहीं लौट पाएगा। ईरान के इस बयान से क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और गहरा गया है।

यह प्रतिक्रिया ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कथित बयान के जवाब में दी। बघाई ने कहा कि ईरान किसी भी सैन्य चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ईरान में ऐसे लोग हैं जो अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। यदि खार्ग आइलैंड या उसके आसपास किसी तरह की सैन्य कार्रवाई हुई तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

तेल निर्यात की जीवनरेखा है खार्ग आइलैंड
फारस की खाड़ी में बुशहर प्रांत के तट से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद अहम रणनीतिक ठिकाना माना जाता है। देश के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप से होता है। यही कारण है कि इसकी सुरक्षा ईरान की राष्ट्रीय और आर्थिक प्राथमिकताओं में शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खार्ग आइलैंड को लेकर किसी भी तरह का सैन्य टकराव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है। ईरान के ताजा बयान ने एक बार फिर संकेत दिया है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।






































