RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने और मकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रेसवार्ता कर इस पूरे मामले के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा ने दावा किया कि जिस कार्रवाई का आज विरोध किया जा रहा है, उसकी नींव कांग्रेस शासनकाल में ही रखी गई थी।

भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय ने कहा कि कांग्रेस जनता को भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उनका आरोप है कि नकटी गांव में जमीन अधिग्रहण, कॉलोनी विकास और अतिक्रमण हटाने की पूरी प्रक्रिया तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में शुरू हुई थी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में हाउसिंग बोर्ड ने नियमानुसार जमीन की मांग की थी। इसके बाद सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया और कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई गई। उस समय हुए सर्वे में करीब तीन हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण दर्ज किया गया था, जहां अधिकांश कच्चे मकान पाए गए थे।

डॉ. मार्कंडेय ने दावा किया कि वर्ष 2023 के बाद क्षेत्र में अवैध कब्जों में तेजी से बढ़ोतरी हुई। उन्होंने कहा कि सरकारी योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को ढाई डिसमिल भूमि देने का प्रावधान है, लेकिन सर्वे के दौरान कई लोगों के कब्जे 10 हजार से 17 हजार वर्गफीट तक पाए गए। उनके अनुसार नकटी गांव नई राजधानी क्षेत्र के तीसरे लेयर में आता है और यह पहले से नियोजित विकास क्षेत्र का हिस्सा है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह अवैध कब्जों का समर्थन करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने कब्जे वाली जमीनों की खरीद-बिक्री को भी बढ़ावा दिया और अब अपनी भूमिका छिपाने के लिए वर्तमान सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।

उन्होंने सेरीखेड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई थी, लेकिन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। भाजपा का दावा है कि वर्तमान सरकार ने कार्रवाई से पहले लगभग एक वर्ष तक नोटिस जारी किए, लोगों से संवाद किया और पुनर्वास की प्रक्रिया चलाई।
डॉ. मार्कंडेय के अनुसार, प्रभावित 61-62 परिवारों में से 29 परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि शेष पात्र परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार नियमानुसार कार्रवाई कर रही है और किसी भी पात्र व्यक्ति के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी।






































