RAIPUR NEWS. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन दुकानों में ओटीपी (OTP) आधारित वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राशन का वितरण केवल आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से किया जाएगा। यानी हितग्राहियों को राशन लेने के लिए स्वयं उपस्थित होकर अंगूठे का निशान देना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले राशन दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार को मिली शिकायतों के अनुसार कुछ स्थानों पर लाभार्थियों के मोबाइल पर आए ओटीपी का उपयोग कर राशन वितरण का रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा था, जबकि वास्तविक हितग्राहियों को राशन नहीं मिल रहा था।

आरोप यह भी लगे कि कुछ मामलों में राशन सामग्री खुले बाजार में बेच दी जाती थी और रिकॉर्ड में वितरण दर्शा दिया जाता था। नई व्यवस्था के तहत राशन प्राप्त करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। परिवार के मुखिया समेत सभी पात्र सदस्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन कराना होगा। ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है।

सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा विशेष परिस्थितियों वाले हितग्राहियों के लिए नियमानुसार राहत और वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान रखा है। सरकार का मानना है कि केवल बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए राशन वितरण करने से फर्जी निकासी और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचे।

उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
खाद्य विभाग ने राशन दुकानों को नई गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।






































